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UP: सीएम योगी बोले- न बने और न बिके अवैध और जहरीली शराब, होली के दौरान विशेष सतर्कता बरतें

Sat, 28 Feb 2026 08:08 AM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Sat, 28 Feb 2026 08:08 AM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व समीक्षा बैठक में अवैध व जहरीली शराब पर सख्ती के निर्देश दिए। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 1.96 लाख करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ है। जीएसटी-वेट से एक लाख करोड़ से अधिक संग्रह हुआ। सभी विभागों को लक्ष्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

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UP: CM Yogi said – Illegal and poisonous liquor should not be made or sold, special vigilance should be exerci
सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए कि आबकारी विभाग होली के दौरान विशेष सतर्कता बरते और अवैध व जहरीली शराब के किसी भी प्रकार के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह अंकुश लगाए।

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वित्तीय वर्ष 2025-26 के फरवरी माह के अंत तक जीएसटी, वैट, आबकारी, स्टाम्प एवं पंजीकरण, परिवहन, ऊर्जा, भू-राजस्व और खनन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व वृद्धि प्रदेश में विकास कार्यों की गति तय करता है। 
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इस पर उन्हें बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कर-राजस्व का वार्षिक लक्ष्य 2,95,000 करोड़ निर्धारित है, जिसके सापेक्ष फरवरी 2026 तक 1,96,177 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। 
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मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को टीम भावना, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग से लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन के लिए रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण की गति बढ़ाने को कहा। 

परिवहन विभाग को बसों की फिटनेस, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस कार्ययोजना और नए रूट चिन्हित कर निजी बस संचालकों के सहयोग से बेहतर परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जीएसटी व वैट से राजस्व एक लाख करोड़ पार

राज्य कर (जीएसटी + वैट) का लक्ष्य 1,75,725 करोड़ है, जिसके मुकाबले अभी तक 1,03,770 करोड़ का संग्रह प्राप्त हुआ है। इसमें जीएसटी के तहत 75,195 करोड़ और वैट से 28,575 करोड़ शामिल हैं। राज्य कर विभाग ने बताया कि जीएसटी 2.0 में एआई आधारित जोखिम विश्लेषण, बड़े पैमाने पर स्क्रूटनी, ई-इनवॉइसिंग और ई-वे बिल की प्रभावी निगरानी जैसे प्रयासों से सुधार हुआ है। एआई आधारित 1.59 लाख करदाताओं की जांच, 75 जिलों में संवाद कार्यक्रम, फर्जी आईटीसी पर नियंत्रण और 3,117 करोड़ की वसूली विभाग के प्रमुख परिणाम रहे।

आबकारी में जबर्दस्त तेजी, अबतक मिले 48000 करोड़

आबकारी विभाग ने बताया कि वार्षिक लक्ष्य 63,000 करोड़ है, जिसके सापेक्ष फरवरी तक 48,501 करोड़ का राजस्व मिला है। जो पिछले वर्ष के मुकाबले 13.2 प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दुकानों के नवीनीकरण की दर 93.75 प्रतिशत दर्ज की गई है। विभाग ने उपभोग आधारित रणनीति, दुकानों के नवीनीकरण, लाइसेंस शुल्क, मांग पत्र और थोक एवं ब्रांड नवीनीकरण से मार्च में लगभग 9,050 करोड़ राजस्व प्राप्त किया। 31 मार्च तक राजस्व लगभग 57,550 करोड़ पहुंचने का अनुमान है।

 

स्टांप ने अभी तक दिए 29 हजार करोड़

स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग ने लक्ष्य 38,150 करोड़ के सापेक्ष फरवरी तक 29,487 करोड़ प्राप्त किए। विभाग ने यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, गोरखपुर और वाराणसी सहित विभिन्न विकास प्राधिकरणों की आवासीय एवं वाणिज्यिक परियोजनाओं से संभावित राजस्व का भी ब्योरा दिया। खनन पट्टों के नवीनीकरण, अवशेष संपत्तियों के पंजीकरण अभियान, टोल प्लाजा मामलों के निस्तारण और सर्किल दरों के वैज्ञानिक पुनरीक्षण की जानकारी दी।

डिजिटल मानीटरिंग करेगा परिवहन विभाग

परिवहन विभाग का वार्षिक लक्ष्य 14,000 करोड़ है, जिसके मुकाबले फरवरी तक 11,005 करोड़ का राजस्व मिला है। वाहन पंजीकरण में सुधार, कर अदायगी की बेहतर व्यवस्था, तकनीक आधारित निगरानी और प्रवर्तन से राजस्व बढ़ा है।कर वसूली शिविर, निगरानी अभियान और डिजिटल मॉनिटरिंग की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। भू-राजस्व एवं ऊर्जा विभाग ने संयुक्त रूप से फरवरी तक 3,414 करोड़ का राजस्व संग्रह किया जो पिछले वर्ष से 12.6 प्रतिशत ज्यादा है। 

खनन एवं भू-तत्व विभाग ने 6,000 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष फरवरी तक 3597 करोड़ कर चुका है। विभाग ने बताया कि खनन क्षेत्रों की डिजिटल मैपिंग, ओवरलोडिंग की जीरो पॉइंट रोकथाम, जीपीएस आधारित ट्रैकिंग, विभिन्न राज्यों के पोर्टलों से इंटीग्रेशन आदि से राजस्व संग्रह बढ़ा है।

यातायात नियमों का पालन करें वर्ना होगी सख्त कार्रवाई

होली पर यातायात व्यवस्था बेहतर रहे। यात्रियों को कोई दिक्कत न हो और हादसों पर अंकुश लगे। इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को परिवहन विभाग के अफसरों संग समीक्षा बैठक की। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि सीएम ने अफसरों को त्योहार के समय विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि नियमित चेकिंग कराएं, नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाए। इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। 

खासकर ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट, बिना सीटबेल्ट वाले वाहन चालकों की निगरानी की जाए। जो भी चालक इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाए उस पर सख्त कार्रवाई की जाए। मंत्री ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अलग से अभियान चलाया जाएगा। जांच टीमों को ब्रेथ एनालाइजर के साथ तैनात किया जाएगा।

होली के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बसों के फेरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। बस स्टेशनों और पार्किंग स्थलों पर शुद्ध खान-पान की व्यवस्था जिलाधिकारियों से समन्वय बनाकर की जाए।अनफिट बसों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। 

सभी अधिकारी फील्ड में तैनात रहेंगे। आमजन के फोन कॉल अवश्य उठाएंगे। 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा। निर्धारित रूट पर अतिरिक्त बसों का संचालन भी होगा। मंत्री ने बताया कि इसको लेकर भी सीएम ने निर्देश दिए हैं। लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवर अनिवार्य रूप से तैनात किए जाएंगे, ताकि यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सके। 28 फरवरी से 9 मार्च तक प्रोत्साहन अवधि में अधिकतम बसें ऑनरोड रखने के निर्देश हैं।

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