यूपी: सिंगापुर-जापान की यात्रा से लौटे सीएम योगी, जापान से 90 तो सिंगापुर से 60 हजार करोड़ के हुए एमओयू
CM Japan visit: उत्तर प्रदेश और जापान के बीच पर्यटन प्रोत्साहन के लिए बौद्ध सर्किट और रामायण सर्किट को जोड़ते हुए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर और जापान का चार दिवसीय दौरा निवेश, तकनीक व वैश्विक साझेदारी के लिहाज से सफल रहा। दोनों देशों से 1.5 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जबकि 2.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसमें जापान में 90,000 करोड़ के एमओयू और लगभग 1.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और सिंगापुर में 60,000 करोड़ के एमओयू और लगभग 1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। एमओयू व निवेश प्रस्तावों से यूपी में 5 लाख रोजगार सृजन की उम्मीद है।
जापान से होने वाले प्रमुख एमओयू में कुबोटा कॉरपोरेशन, स्पार्क मिंडा (सहयोग में टोयो डेन्सो), जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री और नागासे एंड कंपनी लिमिटेड शामिल हैं। वहीं बी2जी बैठक में सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन, होंडा कार्स , कोनोइके ट्रांसपोर्ट कंपनी., मित्सुई एंड कंपनी, रैपिडस कॉरपोरेशन, मारुबेनी कॉरपोरेशन, सुमितोमो रियलिटी एंड डेवलपमेंट कंपनी और एमयूएफजी बैंक जैसी दिग्गज कंपनियों ने सहभागिता की। इन कंपनियों के प्रमुख निवेश क्षेत्र कृषि मशीनरी, ऑटो ओईएम व कंपोनेंट्स, ऑटो आरएंडडी, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन, पावर-टू-गैस, कंप्रेस्ड बायो गैस, ईएसडीएम, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग रहे।
ग्रीन हाइड्रोजन उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना
जापान दौरे में हरित ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देते हुए यूनिवर्सिटी ऑफ यामानाशी, यामानाशी हाइड्रोजन कंपनी, आईआईटी कानपुर, हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी, आईआईटी बीएचयू और मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के सहयोग से ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा की गई।
‘जापान सिटी’ और ऑटो क्लस्टर का विकास
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में 500 एकड़ में ‘जापान सिटी’ विकसित की जाएगी, जहां जापानी कंपनियों के लिए औद्योगिक वातावरण तैयार होगा। इन्वेस्ट यूपी में जापान डेस्क को और सुदृढ़ किया जाएगा, जिसकी मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा। जापान उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र में भी तकनीक हस्तांतरण, कौशल विकास, संयुक्त उपक्रम एवं सप्लाई चेन एकीकरण को बढ़ावा देगा।
बौद्ध सर्किट और रामायण सर्किट को जोड़ा जाएगा
उत्तर प्रदेश और जापान के बीच पर्यटन प्रोत्साहन के लिए बौद्ध सर्किट और रामायण सर्किट को जोड़ते हुए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल दोनों देशों के निवासियों के बीच संबंध सुदृढ़ होंगे, बल्कि नए निवेश अवसर भी खुलेंगे। जापानी उद्योगों की जरूरत के अनुरूप भाषा व तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिये कार्यबल तैयार किया जाएगा।
सिंगापुर में भी बड़े निवेश समझौते
सिंगापुर में इन्वेस्टर रोड शो के दौरान टीम यूपी को एमआरओ, कार्गो हब, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, स्किलिंग और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री से मुलाकात की। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एमआरओ और कार्गो हब के रूप में विकसित करने पर बात हुई।