यूपी : सीएम योगी ने किया विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में टूरिज्म कार्निवाल का शुभांरभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन में अध्यात्म, रोजी-रोजगार, अर्थतंत्र को मजबूती प्रदान करने का मंत्र भी छिपा है। प्रदेश में मौजूद आध्यात्मिक, एतिहासिक, प्राकृतिक, और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों सहेजकर वैश्विक क्षितिज पर ले जाएंगे तो कोई कारण नहीं जो प्रदेश में पर्यटकों को आकर्षित होने से रोक सके।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन विकास की असीम संभावनाओं के साथ पर्यटन विकास के लिए आवश्यक सभी साधन और संसाधन उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन में आध्यात्म, रोजी-रोजगार, अर्थतंत्र को मजबूती प्रदान करने का मंत्र भी छिपा है। प्रदेश में मौजूद आध्यात्मिक, एतिहासिक, प्राकृतिक, और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों सहेजकर वैश्विक क्षितिज पर ले जाएंगे तो कोई कारण नहीं जो प्रदेश में पर्यटकों को आकर्षित होने से रोक सके। मुख्यमंत्री ने सोमवार को विश्व पर्यटन स्थल दिवस के उपलक्ष्य में 27 से 29 सितंबर तक चलने वाले टूरिज्म कार्निवाल और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के स्वर्ण जयंती वर्ष का शुभारंभ किया।
राजधानी स्थित गोमती रिवर फ्रंट पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक, सामरिक, एतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की दृष्टि से देश में यूपी देश ही नहीं दुनिया में अपनी पहचान रखता है। धन सिंह कोतवाल, राम प्रसाद विस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद जैसे स्वाधीनता सेनानियों से जुड़े सभी प्रमुख स्थल यूपी में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग और वन विभाग को ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहिए। तराई क्षेत्र में ईको टूरिज्म के विकास की पर्याप्त संभावना है। जहां पर्यटक प्रकृति के साथ नए उत्साह और उमंग के साथ अपने को आगे बढ़ाने के लिए तैयार पाएंगे। वहीं बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रकृति का खूबसूरत रंग देखने को मिलेगा जो आध्यात्मिकता से भी ओतप्रोत कर देगा। उन्होंने कहा कि गंगा नदी सबसे ज्यादा दूरी यूपी में तय करती है वहीं गंगा किनारे सबसे अधिक गांव भी यूपी में है इससे हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जितने भी पर्यटन स्थल, आस्था के केंद्र, आजादी की लड़ाई से जुड़े महत्वपूर्ण स्थल, स्मारक, किले और पर्यटन स्थल है उन्हें एक साथ जोड़कर सब कुछ आगे बढ़ेंगे तो दुनिया भर के पर्यटक आकर्षित होंगे। प्रदेश सरकार ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना लागू की है जिसका असर दिखने लगा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग के स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रदेश में पर्यटन विकास के कार्यक्रम को मजबूती से आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यटन एजेंसी संचालकों, प्रमुख शेफ को सम्मानित किया। वहीं पर्यटन के क्षेत्र में निवेश करने वाली संस्थाओं को सहायता राशि और प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, महापौर संयुक्ता भाटिया, प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम भी मौजूद थे।