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यूपी: छांगुर की 16 करोड़ की प्रापर्टी में हिस्सेदार हैं सीजेएम की लिपिक की पत्नी, 18 सदस्यों का था गैंग
Mon, 07 Jul 2025 06:43 AM IST
रोहित मिश्र
संजय तिवारी, अमर उजाला बलरामपुर
संजय तिवारी, अमर उजाला बलरामपुर
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 07 Jul 2025 06:43 AM IST
सार
Changur arrested in UP: राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और अवैध धर्मांतरण कराने के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर 18 सदस्यों का गैंग बनाकर ऑपरेट करता था। अभी उसमें 14 फरार हैं।
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छांगुर के घर के बाहर पसरा सन्नाटा।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और अवैध धर्मांतरण कराने के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर का 18 सदस्यों का गैंग था। वहीं तहसील और न्यायालयों में पैठ भी बनाने में भी पीछे नहीं था। उतरौला तहसील कर्मियों से मिलीभगत कर एक तालाब को ही अपने नाम करवा लिया था। इसके साथ ही पुणे में 16 करोड़ की एक जमीन क्रय किया और उसका एग्रीमेंट कर कमाई की योजना बनाई। जिसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) के लिपिक की पत्नी को हिस्सेदार बनाया।
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न्यायालय में पैठ होने के बाद धर्मांतरण में सहयोग न करने वाले या फिर किसी तरह का विरोध पर उनके खिलाफ एफआईआर का आदेश कराने में उसे आसानी हो गई थी। एटीएस की जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि न्यायालय में पैठ बनाने में छांगुर सफल हो गया था। बलरामपुर शहर से सटे बड़ा घुसाह गांव की संगीता देवी को पुणे के मावल तहसील के ग्राम कुनेनामा में क्रय की गई जमीन के कारोबार में हिस्सेदार बनाया। संगीता सीएजेएम न्यायालय के लिपिक राजेश उपाध्याय की पत्नी हैं। एटीएस की रिपोर्ट के मुताबिक एग्रीमेंट में जमीन के करोबार में संगीता को मुनाफे का अंश दिए जाने का उल्लेख है। वहीं न्यायालय के आदेश पर इस्लाम धर्म कबूल न करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने का मामला भी सामने आया है। एटीएस की मानें तो संचित और मालती देवी अनूसूचित वर्ग के हैं, उन्होंने इस्लाम धर्म कबूल नहीं किया तो छांगुर की गैंग ने दोनों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज करा दी गई। इस तरह छांगुर हर स्तर से पैठ गहरी करके संगठित तरीके से धर्मांतरण का गिरोह संचालित कर रहा था। अब एटीएस की कार्रवाई के बाद लोग भूमिगत हो गए हैं।
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छांगुर गिरोह के 18 सदस्यों में अभी 14 की हो रही तलाश
छांगुर के धर्मांतरण गिरोह में 18 सदस्यों के शामिल होने की रिपोर्ट है। एटीएस ने अपनी जांच में इसका जिक्र किया है कि छांगुर की गैंग में 18 सदस्य हैं, जिसमें अभी छांगुर समेत चार की ही गिरफ्तारी हो सकी है। माना जा रहा है कि 14 अन्य लोगों की तलाश हो रही है। एटीएस की टीम लगातार नजर बनाए है। देर सबेर अन्य 14 लोग भी एटीएस की गिरफ्त में होंगे। इसमें गोंडा, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, औरैया व पुणे आदि जिलों व प्रदेशों के लोग शामिल हैं। एटीएस की रिपोर्ट के मुताबिक देश की एकता और अखंडता को प्रभावित करने के लिए छांगुर लगातार अपनी गैंग का विस्तार कर रहा था। एटीएस की कार्रवाई के बाद उसके मंसूबों पर पानी फिर गया है।
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गिरफ्तारी के बाद मधपुर और रेहरामाफी गांव में सन्नाटा
आरोपी छांगुर गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला।
जमालुद्दीन उर्फ छांगुर मूल रूप से गैड़ास बुजुर्ग के रेहरा माफी गांव का रहने वाला है। वर्तमान में उतरौला के मधपुर में अलीशान कोठी बनाकर रह रहा था। शनिवार को छांगुर और उसके करीबी नीतू उर्फ नसरीन की गिरफ्तारी के बाद लोग चर्चा कर रहे थे। लेकिन रविवार को कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था। छांगुर की दहशत ऐसी है कि लोग उसके बारे में कुछ नहीं बोलना चाहते हैं। रेहरा माफी गांव के एक व्यक्ति ने इतना जरूर कहा कि जो जैसा करेगा, वैसा भरेगा।
पुलिस है सतर्क
छांगुर और नीतू की गिरफ्तारी के बाद निगरानी और बढ़ा दी गई है। क्षेत्र में पुलिस सतर्क है। हर स्तर से नजर रखी जा रही है।-अवधेश राज सिंह, प्रभारी निरीक्षक उतरौला
पुलिस है सतर्क
छांगुर और नीतू की गिरफ्तारी के बाद निगरानी और बढ़ा दी गई है। क्षेत्र में पुलिस सतर्क है। हर स्तर से नजर रखी जा रही है।-अवधेश राज सिंह, प्रभारी निरीक्षक उतरौला