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यूपी: मुख्य चुनाव आयुक्त बोले- चुनाव आयोग एआई के प्रयोग को लेकर जल्दबाजी में नहीं, ये लोग घर से डाल सकेंगे वोट

Tue, 25 Aug 2026 09:13 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Tue, 25 Aug 2026 09:13 PM IST
सार

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग में जल्दबाजी नहीं करेगा। बीएलओ के अच्छे सुझावों को देशभर में लागू करने पर विचार होगा। पात्र महिलाओं और युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने पर जोर दिया गया। दिव्यांग मतदाता फॉर्म 12-डी भरकर घर से मतदान की सुविधा ले सकते हैं।

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UP: Chief Election Commissioner says the Election Commission is in no rush regarding the use of AI; these peop
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के अच्छे सुझावों को पूरे देश में लागू किया जाएगा। चुनाव आयोग के एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ईसीआईनेट एप पर उनके सुझावों के लिए अलग से कॉलम बनाया जाएगा। हालांकि, यह सुझाव जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) के माध्यम से अग्रसारित करवाना जरूरी होगा। उन्होंने बीएलओ का आह्वान किया कि किसी भी हालत में पात्र महिलाओं और युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ें।

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अपने लखनऊ दौरे के दूसरे और अंतिम दिन मंगलवार को सीईसी ने बीएलओ के साथ संवाद किया। राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 20 जिलों से आए 500 बीएलओ व 30 बीएलओ पर्यवेक्षकों से उन्होंने सीधी बात की।
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ज्ञानेश कुमार ने कहा कि यूपी में यह बात सामने आई है कि विवाह होने के बाद महिलाओं के ससुराल वाले पोलिंग बूथ की सूची में नाम नहीं जुड़ पाए हैं। वहीं, मायके वाले बूथ से नाम कट गए। ऐसे में सभी पात्र महिलाओं के ससुराल वाले स्थान की मतदाता सूची में नाम अवश्य जोड़ें। इसी तरह से18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे सभी युवाओं के नाम मतदाता सूची में जरूर जोड़े जाएं।
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कुछ बीएलओ ने कहा कि उनके अच्छे सुझावों को पूरे देश में लागू किया गया, जिसे सीईसी ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में 12 लाख बीएलओ हैं, ऐसे में सभी के सुझाव लेकर पढ़ना व्यावहारिक नहीं होगा। सभी बीएलओ अपने जिला निर्वाचन अधिकारी को सुझाव दें और फिर वह उसमें से सर्वश्रेष्ठ सुझाव चुनाव आयोग को भेजे या फिर ईसीआईनेट के कॉलम में भरें। इसमें से सर्वश्रेष्ठ सुझाव योजना में शामिल होंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि बीएलओ शुद्ध डाटा दें और चुनाव आयोग तकनीकी की मदद से मतदाता सूची में शामिल डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम बाहर करेगा। उन्होंने कहा कि कोशिश करें कि मतदाता फॉर्म भरवाते समय आधार कार्ड, नवीनतम फोटो व मोबाइल नंबर जरूर दर्ज कराएं। लोगों को लोक प्रतिनिधित्व कानून 1950 के बारे में जागरूक करें कि दो-दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होने से एक वर्ष की जेल भी हो सकती है। कार्यक्रम में वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग, डीजी मीडिया आशीष गोयल व यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा भी मौजूद रहे।
 

सीईसी ने किया ओके

सीईसी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण या चुनाव के काम में लगे संविदा कर्मियों के साथ को हादसा होने पर उन्हें बीमा का लाभ दिए जाने की मांग पर भी विचार करने का आश्वासन दिया। संविदा कर्मी जो बीएलओ का काम कर रहे हैं, उन्होंने यह मांग उठाई।

ऑफलाइन सूची बनाने के विकल्प पर करेंगे विचार

ग्रामीण क्षेत्रों के बीएलओ ने कहा कि गांव में इंटरनेट की कनेक्टिविटी के कारण कई बार ऑनलाइन सूची बनाने में दिक्कतें आती हैं। ऐसे में उन्हें ऑफलाइन सूची बनाने का भी विकल्प मिले। जिस पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विचार करने का आश्वासन दिया।

गंगोत्री की मिंटा देवी की मांग पर बढ़ाया मानदेय

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ गंगोत्री दर्शन को गए। यहां पर गंगोत्री बूथ नंबर तीन की बीएलओ मिंटा देवी ने ईसीआईनेट पर अपने यहां के सीईओ का नाम आंध्र प्रदेश से मैपिंग कर दिखाया तो वह चकित रह गए। चलते-चलते मिंटा देवी ने कहा कि कम से कम इतना मानदेय मिले की स्मार्ट मोबाइल फोन कि्त पर ले सकें।

यह मोबाइल कभी पति ले लेते हैं तो कभी बच्चा ऑनलाइन पढ़ाई करने लगता है। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि जब वह दिल्ली वापस लौटे तो मेरी पत्नी ने मिंटा देवी की मांग याद दिलाई और फिर बीएलओ सहित अन्य कर्मियों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की गई।

 

 

तकनीक के उपयोग में आयोग काफी कुशल

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि भारत में एक्स को 2.5 करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया है, जबकि ईसीआईनेट एप को 12 करोड़ लोग डाउनलोड कर चला रहे हैं। चुनाव आयोग तकनीकी रूप से काफी कुशल है।

दिव्यांगों को घर पर वोट डालने की सुविधा है

लखनऊ की बीएलओ दिपाली निगम ने कहा कि उनके यहां कई मतदाता ऐसे हैं जो चलने-फिरने में सक्षम नहीं हैं लेकिन वोट डालना चाहते हैं। चुनाव आयोग सिर्फ 85 साल के ऊपर के बुजुर्गों को ही घर पर वोट डालने की सुविधा दे रहा है। उनके सवाल का जवाब यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दिया उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के लिए कोई उम्र सीमा नहीं है। वह फॉर्म 12-डी भरकर घर पर वोट डालने की सुविधा ले सकते हैं।

एआई को लेकर जल्दबाजी में नहीं

यह भी सुझाव आया कि एआई का प्रयोग मतदाता सूची व चुनाव कार्यों में किया जाए। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग एआई के प्रयोग को लेकर जल्दबाजी में नहीं है। चुनाव तकनीक के आधीन नहीं हो सकता।

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