UP:579 जिलों में धर्मांतरण के लिए छांगुर ने मैदान में उतारे थे 3000 अनुयायी, हिंदू बनकर प्रेमजाल में फंसाते थे
छांगुर बड़े पैमाने पर देश में धर्मांतरण करवाने के लिए काम कर रहा था। इसके लिए उसने अनुयायियों की पूरी फौज उतार दी थी। ये लोग हिंदू बनकर लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाते थे।
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अवैध धर्मांतरण के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। उसने बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के लिए टीमें मैदान में उतार रखी थी। देश के 579 जिलों की पहचान कराई थी, जहां हिंदू बहुसंख्यक में हैं। इन जिलाें में हिंदू युवतियों को मुस्लिम बनाने के लिए मुहिम चलाने का तानाबाना बुना था। छांगुर के करीबी ने दावा किया कि तीन हजार से अधिक युवाओं को बतौर अनुयायी मैदान में उतारा गया था। जो हिंदू बनकर युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने का काम कर रहे थे।
छांगुर पूरे देश में मुस्लिम आबादी को बढ़ाने के मिशन पर काम कर रहा था। एटीएस ने भी तीन हजार अनुयायी होने के तथ्य को एफआईआर में शामिल किया है। छांगुर की शिकायत करने वाले अरविंद ने तो हिंदू युवतियों को प्रभावित करने के साथ ही उनके साथ निकाह करने की पूरी दास्तां एसटीएफ को बताई थी। एसटीएफ की ओर से ही एटीएस को पूरे मामले में कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई थी। जिससे स्पष्ट हुआ था कि छांगुर एक गिरोह के तहत कार्य कर रहा था। छांगुर की टीम के सर्वे में यह बात सामने आई थी कि वर्ष 2011 की जनगणना में देश के 640 जिलों में 579 जिले ऐसे हैं जहां हिंदूओं की जनसंख्या अधिक हैं।
छांगुर ने बेटे महबूब को पूरे अभियान का लीडर बनाया था और उसे जिम्मेदारी सौंपी थी कि मुहिम पर नजर रखे। महबूब के साथ धर्म परिवर्तन करने वाले नवीन को लगाया था, जो तकनीकी सहयोग करता था। छांगुर को हिंदू युवतियों के बारे में रिपोर्ट देने के लिए एक टीम काम कर रही थी। जिसमें सगीर, हाजिर शंकरा और एमेन रिजवी जैसे सक्रिय लोग थे। जो आम आदमी की तरह घूम कर जानकारी करते थे और फिर छांगुर को पूरी डिटेल देते थे। इसके बाद जिलों में काम पर अनुयायियों को छांगुर लगाता था।
आजमगढ़ में भतीजे तो औरैया में मेराज को सौंपी जिम्मेेदारी
हिंदू युवतियों को फंसाने के लिए छांगुर ने आजमगढ़ में अपने भतीजे सबरोज को उतारा था। सबरोज ने चार लोगों की टीम भी बनाई थी। इसके अलावा औरैया में मेराज नामक युवक को जिम्मेदारी दी। मेराज ने हिंदू बनकर युवतियों को अपने प्रेमजाल में फंसाने का काम भी किया। रुद्र बनकर उसने एक युवती मानवी को प्रेमजाल में फंसाया और शारीरिक शोषण कर वीडियो भी बना लिया। इसी तरह अन्य लोगों को भी अलग- अलग जिम्मेदारी दी थी। नोएडा और हरियाणा में भी छांगुर की टीम सक्रिय हो चुकी थी। एटीएस की निगाहें जब युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने की मुहिम पर पड़ी तो मुश्किलें बढ़ने लगीं। अभी एटीएस इन मामलों की छानबीन कर रही है।
बलरामपुर शहर में ठिकाना बनाने की थी तैयारी
छांगुर ने उतरौला में अपनी अच्छी खासी पैठ बना ली थी। अब उसकी नजर बलरामपुर शहर में थी। रोडवेज के पास उसने एक जमीन तय की थी। उसके साथ रहे बब्बू चौधरी ने बताया कि शहर में वह संपर्क कार्यालय खोलना चाहता था। जिससे मुहिम को अंजाम देने में सहूलियत मिल सके। अभी इस मामले की छानबीन होना बाकी है। जमीन किसकी है और छांगुर ने नीतू के नाम से लिया या फिर महबूब के नाम लिया है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
बेटे को दुनिया में सबसे अमीर बनाना चाहता था छांगुर
छांगुर के इकलौता बेटा महबूब था, उसने पूरी ताकत बेटे को दुनिया का सबसे अमीर आदमी बनाने के लिए लगा रखी थी। धर्मांतरण से कमाई करने के साथ ही वह प्रापर्टी व अन्य कार्य करने की जमीन तैयार रहा था। बेटे को अरबपति बनाने के साथ ही पूरी एक टीम का मुखिया बनाना चाहता था। इसके लिए उसने कई लोगों से हाथ भी मिलाए थे। नागपुर के एक प्रभावशाली व्यक्ति से हाथ मिलाने के पीछे उसकी मंशा बेटे को आगे बढ़ाने की थी। फिलहाल अब उसका बेटा लखनऊ जेल में दिन काट रहा है।