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यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 11.92 लाख शिक्षकों को सौगात, राज्य कर्मचारियों की तरह मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा

Fri, 30 Jan 2026 07:21 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 30 Jan 2026 07:21 AM IST
सार

UP Cabinet meeting: यूपी सरकार ने प्रदेश के 11.92 लाख से ज्यादा शिक्षक व शिक्षा कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। अब उन्हें भी राज्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

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UP: Cabinet meeting tomorrow; 800,000 teachers could receive cashless medical treatment; these decisions could
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के शिक्षकों को योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। अब शिक्षकों को भी राज्य कर्मचारियों की तरह ही कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दो दी गई है। इस फैसले से 11.92 लाख से ज्यादा शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा। इस फैसले को आयुष्मान व्यवस्था के माध्यम से लागू किया जाएगा। इस फैसले से शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक व रसोइया सभी लाभांवित होंगे। इस फैसले के क्रियान्वयन में 358.61 करोड़ रुपये की लागत आएगी। 

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बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग को भी कैशलेस सुविधा की मंजूरी दे दी गई है। इससे दो लाख 97 हजार 579 कर्मचारी लाभांवित होंगे। वहीं, सरकार 89.25 करोड़ रुपये का व्यय भार पड़ेगा। हालांकि, जो कर्मचारी पहले से ही किसी सरकारी योजना जैसे आयुष्मान से आच्छादित हैं उन्हें इसका लाभ नहीं दिया जाएगा। 
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बता दें कि कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते साल के पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के लिए कैशलेश चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। विभाग की ओर से इस योजना को आयुष्मान योजना की तरह लागू करने की तैयारी है। यह सुविधा पूरी तरह कैशलेश है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 32 में से 30 प्रस्ताव पास हो गए। सिर्फ 14वां और 17वां प्रस्ताव ही रोका गया।
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बैठक में लिए गए अन्य फैसले:
- बैठक में शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी दे दी गई।
- नक्शा पास करने की प्रक्रिया सरल की जाएगी जिससे कि लोग नक्शा जरूर पास करें। विकास शुल्क के संशोधित प्राइस लागू किए जाएंगे।
- बरेली में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना होगी।
- मुरादाबाद में भी नक्षत्रशाला और विज्ञान पार्क की स्थापना होगी।

आपदा प्रभावित परिवारों का होगा पुनर्वास

बैठक में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर मंजूरी दी गई। पीड़ितों को सरकारी आवास और भूमि का पट्टा दिया जाएगा। बहराइच में राजस्व ग्राम परतापुर पर सहित अन्य ग्रामों में आपदा प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिए भूमि की व्यवस्था करने के निर्देश सीएम में दिए थे। 29 लोग नदी पार कर रहे थे जिनमें 9 लोगों की मृत्यु हो गई थी। आपदा प्रभावित गांव का हवाई संरक्षण किया गया और परतापुर के गांव के लोगों को पुनर्वासित किया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दिया गया। 136 परिवारों को जमीन का पट्टा दिया जाएगा और उनके आवास का भी पट्टा होगा और मुख्यमंत्री आवास के तहत आवास दिया जाएगा जितनी खेती की जरूरत होगी वैसे ही उनका खेती के लिए भी पट्टा दिया जाएगा।

सीएम फेलो को प्रतियोगी परीक्षाओं में मिलेगी आयु सीमा में छूट

सरकार ने उप्र लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में सीएम फेलो को आयु सीमा में अधिकतम तीन वर्ष तक की छूट के साथ ही अतिरिक्त अंक देने का फैसला किया है। कैबिनेट ने इससे संंबंधित उप्र लोक सेवाओं (प्रतियोगी परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री अध्येतावृत्ति के अनुसंधानविदो के लिए आयु सीमा एवं अधिमान का शिथिलीकरण) नियमावली 2026 को हरी झंडी दे दी है।

नियमावली के अनुसार सीएम फेलो के रूप में एक, दो व तीन वर्ष पूरा करने वाले युवाओं को आयु सीमा में क्रमश: एक, दो व तीन साल की छूट मिलेगी। कार्यकाल की गणना विज्ञापन वर्ष के जुलाई के प्रथम दिवस से मानी जाएगी। जिन अभ्यर्थियों को पहले से आयु में छूट मिली है उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। फेलो के रूप में एक वर्ष पूरा करने वाले युवाओं को 100 अंक वाले पेपर में एक अंक, दो वर्ष वालों को दो और तीन वर्ष पूरा करने वालों को तीन अंक अधिमान के रूप में मिलेंगे। मुख्य परीक्षाओं में जिनमें 101 से 500 अंक का पेपर है वहां एक वर्ष वाले युवाओं को 1.5 अधिमान नंबर मिलेंगे। 

दो वर्ष पूरा करने वालों को तीन अंक और तीन वर्ष की सेवा पूरी करने वालों को 4.5 अंक मिलेंगे। 501 से एक हजार अंक वाली मुख्य परीक्षा में एक वर्ष पूरा करने वाले को दो, दो वर्ष वालों को चार और तीन वर्ष पूरा करने वालों को छह अतिरिक्त अंक मिलेंगे। एक हजार से ज्यादा अंक वाली परीक्षाओं में एक वर्ष वाले को 2.5, दो वर्ष वाले को पांच एवं तीन वर्ष वाले को 7.5 अतिरिक्त अंक मिलेंगे। बता दें, राज्य सरकार ने कई विभागों में सीएम फेलो के रूप में युवाओं को तैनात किया है। इनके जरिये सरकार अपनी योजनाओं का संचालन के साथ ही निगरानी में सहयोग लेती है। इन युवाओं को सरकारी नौकरियों में छूट देने करने का निर्णय लिया गया है।

पीसीएस जे की भर्ती में अब तीन साल की वकालत जरूरी

 प्रदेश सरकार ने पीसीएस जे के पदों पर भर्ती के लिए तीन साल वकालत का अनुभव अनिवार्य कर दिया है। कैबिनेट ने इसके लिए उप्र न्यायिक सेवा (सप्तम संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी है। यह संशोधन हाईकोर्ट की संस्तुति के आधार पर किया गया है।

संशोधन के अनुसार पीसीएस (न्यायिक) सेवा की सीधी भर्ती में तीन साल के विधि व्यवसाय यानी वकालत की अनिवार्यता का प्रावधान शैक्षिक योग्यता से संबंधित नियम 11 के अंतर्गत जोड़ा गया है। इन पदों पर भर्ती के लिए पहले सिर्फ विधि स्नातक (एलएलबी) होना पर्याप्त था। सुप्रीम कोर्ट ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की परीक्षाओं में तीन साल का अनुभव अनिवार्य किया था।

इसे सभी हाईकोर्ट और राज्य सरकारों से अपने यहां लागू करने के निर्देश दिए गए थे। इसीलिए राज्य सरकार ने यह संशोधन किया है। प्रशिक्षण व पदोन्नति से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। प्रक्रिया को और स्पष्ट करने के लिए नए नियम भी जोड़े गए हैं। सरकार के अनुसार, इन संशोधनों से न्यायिक सेवा की भर्ती, प्रशिक्षण और पदोन्नति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और मजबूत होगी।

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