फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP cabinet gives acceptance for new posts in Secretariat.

कैबिनेट ने दी मंजूरी, यूपी सचिवालय में होंगी बंपर भर्तियां

Sat, 19 Dec 2015 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 19 Dec 2015 02:19 AM IST
विज्ञापन
UP cabinet gives acceptance for new posts in Secretariat.

प्रदेश कैबिनेट ने सचिवालय के कामकाज को रफ्तार देने के लिए 21 नए अनुभागों के गठन के साथ ही 547 नए पदों के सृजन की मंजूरी दे दी। इनमें अनुभाग अधिकारी के 21, समीक्षा अधिकारी के 293 और कंप्यूटर सहायक के 233 पद होंगे।

विज्ञापन


कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने इसी साल फरवरी में सचिवालय में संवर्गों के पुनर्गठन की सिफारिश की थी। सचिवालय संघ लगातार इसके हिसाब से पदों के सृजन की मांग कर रहा था।
विज्ञापन


सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र, सीधी भर्ती संघ के अध्यक्ष आशुतोष चंद्र पांडेय, महासचिव अभय रंजन सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशिकांत शुक्ल व सचिवालय संघ के मंत्री ओंकार नाथ तिवारी व सचिवालय कंप्यूटर सहायक व सहायक समीक्षा अधिकारी संघ के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की एक समान होगी फीस

UP cabinet gives acceptance for new posts in Secretariat.

निजी इंजीनियरिंग व पॉलीटेक्निक संस्थानों में एक समान फीस होगी। ‘उत्तर प्रदेश निजी प्राविधिक शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश का विनियमन और फीस का नियतन विनियमावली 2015’ को राज्य कैबिनेट ने शुक्रवार को हरी झंडी दे दी है। यह व्यवस्था सत्र 2016-17 से लागू होगी। इससे फीस वसूली में संस्थानों की मनमानी पर अंकुश लग सकेगा।

दरअसल, अभी तक प्रदेश में सभी निजी संस्थाओं को हर साल फीस निर्धारण कमेटी के समक्ष सभी दस्तावेज पेश करने होते हैं। संस्थान के खर्चे व आमदनी को देखते हुए फीस कमेटी अलग-अलग फीस निर्धारित करती है। इसमें संस्थानों का भी पक्ष सुना जाता है। इससे अलग-अलग कॉलेजों की अलग-अलग फीस हो जाती है।

नए नियम से प्रदेश सरकार सभी निजी कॉलेजों का एक मानक शुल्क निर्धारित करेगी। जिन्हें तय की गई फीस मंजूर है, उन्हें फीस निर्धारण कमेटी केसमक्ष आवेदन नहीं करना होगा। लेकिन जो ज्यादा फीस वसूलना चाहते हैं, उन्हें वाजिब वजहें बताते हुए जरूरी दस्तावेज समिति को देने होंगे।

समिति इस पर विचार करके शुल्क निर्धारण करेगी। सरकार का दावा है कि इससे निजी तकनीकी शिक्षण संस्थाओं के लिए फीस निर्धारण की प्रक्रिया और पारदर्शी हागी।

सेवानिवृत्ति की आयु 60 हुई

UP cabinet gives acceptance for new posts in Secretariat.

कैबिनेट ने उप्र स्वतंत्रता सेनानी कल्याण संस्थान के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।

आश्रित पुत्री की पेंशन में आयु की सीमा खत्म
कैबिनेट ने पारिवारिक पेंशन के लिए स्वतंत्रता सेनानियों की आश्रित पुत्री की आयु सीमा की बाध्यता खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

स्वतंत्रता सेनानियों के निधन के बाद उनकी ज्येष्ठ व अविवाहित पुत्री ही पारिवारिक पेंशन पाने की हकदार होगी। यह सुविधा अविवाहित रहने या आत्मनिर्भर होने तक मिलेगी, चाहे उनकी आयु कितनी भी हो। ज्येष्ठ पुत्री की पात्रता समाप्त हो जाने पर उससे ठीक छोटी अविवाहित पुत्री को पारिवारिक पेंशन मिलेगी।

सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में पोस्टमार्टम केंद्र को मंजूरी

कैबिनेट ने प्रदेश के राजकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों में परास्नतक फोेरेंसिक पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए पोस्टमार्टम की सुविधा दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अभी निजी मेडिकल कॉलेज को पोस्टमार्टम व रासायनिक परीक्षण करने की अनुमति नहीं है।

एमसीआई के मेडिकल एजुकेशन अधिनियम-1997 के अनुसार एमबीबीएस में पढ़ने वाले छात्रों को फोरेंसिक मेडिसिन विषय में प्रशिक्षण के लिए पोस्टमार्टम के दौरान उपस्थित रहना तथा शव-विच्छेदन गृह की व्यवस्था होना अनिवार्य है।

कौशल विकास केंद्र की स्थापना को मंजूरी

UP cabinet gives acceptance for new posts in Secretariat.

कैबिनेट ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के सहयोग से कानपुर स्थित उप्र वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान में हथकरघा एवं वस्त्र शिल्पकारी में कौशल विकास केंद्र की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

इसमें राज्य सरकार की ओर से 40-45 का समूह बनाकर नवयुवकों व शिल्पकारों को तीन माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वहीं निफ्ट, रायबरेली के सहयोग से डिजाइन एजुकेशन प्रोग्राम के तहत 30-35 के समूह में शिल्पकारों को चार सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें 120 रुपये प्रतिदिन की दर से स्टाइपेंड का भुगतान किया जाएगा। इसमें लगभग 3100 नवयुवकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।

हरदोई में आवास विकास को मिलेगी 23 हेक्टेयर भूमि

UP cabinet gives acceptance for new posts in Secretariat.

कैबिनेट ने हरदोई में प्राइम लोकेशन पर स्थित राज्य चीनी निगम की 22.6082 हेक्टेयर भूमि आवास विकास परिषद को बेचने को मंजूरी दे दी। यह जमीन डीएम सर्किल रेट पर बेची जाएगी। इस पर स्टांप ड्यूटी में छूट रहेगी।

डीएम सर्किल रेट के आधार पर चीनी निगम की भूमि का कुल मूल्य 99.04 करोड़ रुपये है। इस पर जमीन बेचने वाले चीनी निगम और खरीदने वाले आवास विकास परिषद ने सहमति दे दी है। यह भूमि हरदोई रेलवे स्टेशन से 500 मीटर और बस स्टैंड से दो किमी दूर है।

चीनी निगम और आवास विकास परिषद मिलकर भूमि का सीमांकन कराएंगे। भूमि का कब्जा प्राप्त करके समय आवास विकास परिषद परिषद चीनी निगम को 50 प्रतिशत भुगतान करेगा। शेष 50 प्रतिशत भुगतान 6 माह की अवधि में चीनी निगम को किया जाएगा।

निगम की भूमि पर कुछ आवासीय भवनों में रह रहे लोगों को भवनों व भूमि को खाली कराने की जिम्मेदारी चीनी निगम के प्रबंघध निदेशक की होगी। निगम अपना मलबा, भवन, वृक्ष आदि तीन माह में हटा लेंगे। आवास आयुक्त को भूमि के मालिकाना हक, श्रेणी आदि के बारे में पुष्टि करने और भूमि हस्तांतरण की कार्यवाही करने का अधिकार होगा।

2325 करोड़ की ‘डायल 100’ परियोजना को हरी झंडी

कैबिनेट ने पुलिस इमरजेंसी प्रबंधन प्रणाली (पीईएमएस) ‘डायल 100’ परियोजना को हरी झंडी दिखा दी। इसके तहत इमरजेंसी में प्रदेश के किसी भी स्थान से टेलीफोन करने पर पीड़ित को तत्काल पुलिस की मदद मुहैया कराई जाएगी।

2325.33 करोड़ रुपये की इस परियोजना में भविष्य में होने वाले किसी भी संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया गया है। कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस आधुनिकीकरण की इस सबसे बड़ी योजना से क्राइम कंट्रोल में काफी सुधार होगा। वे शनिवार को राजधानी में डायल 100 परियोजना भवन का शिलान्यास करेंगे।

इसके तहत लखनऊ में एक केंद्रीय मास्टर को-ऑर्डिनेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। वहीं, आगरा एवं वाराणसी में उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये सभी 24 घंटे काम करेंगे। लखनऊ केंद्र की सेवाओं में बाधा आने या फिर क्षमता से अधिक टेलीफोन कॉल आने पर आगरा व वाराणसी के केंद्र स्वत: कार्य करने लगेंगे।

फोन के 15 मिनट में पहुंचेंगे चौपहिया वाहन
परियोजना में प्रदेश के 75 जिलों में अत्याधुनिक उपकरणों से लैस कुल 4800 वाहन होंगे। इनमें 3200 चार पहिया वाहन एवं 1600 दुपहिया वाहन हैं। कंट्रोल रूम में कॉल आने पर शहरी क्षेत्रों में दुपहिया वाहन 10 मिनट में मौके पर पहुंचेगी। वहीं शेहरी क्षेत्रों में चार पहिया वाहन का रिस्पांस टाइम 15 मिनट तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लगभग 20 मिनट होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed