यूपी कैबिनेट के फैसले: नई स्थानांतरण नीति सहित कैबिनेट ने लिए 11 महत्वपूर्ण फैसले, पार्किंग के लिए बने नए नियम
CM Cabinet Meeting: यूपी कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को हुई। बैठक में अडानी से बिजली खरीदने, पार्किंग के लिए स्थान तय करने और राज्य कर्मचारियों की ट्रांसफर पॉलिसी समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
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Yogi Cabinet News: यूपी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आज हुई। बैठक के बाद हुई पत्रकार वार्ता में मंत्री सुरेश खन्ना ने इस बैठक के महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में जानकारी दी। कैबिनेट के फैसलों में प्रदेश में पार्किंग का स्थान तय करने पर चर्चा हुई। कैबिनेट ने फैसला लिया कि उत्तर प्रदेश के सभी नगर निगमों में एक समान पार्किंग नियम लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही साथ प्रदेश में कर्मचारियों के तबादलों की नई नियमों की घोषणा की गई।
नई तबादला नीति पर मुहर
निजी सेक्टर में मिलेगा अच्छा वेतन
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (विनिर्माण क्षेत्र) की वैश्विक कंपनियों के साथ अब सेवा क्षेत्र की भी दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियां यूपी में आएंगी। इसके लिए कैबिनेट ने यूपी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) नीति को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, बीमा, हेल्थकेयर, ऑटोमोटिव, टेलीकॉम क्षेत्र की वैश्विक कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए आकर्षित करना है। इस क्षेत्र में बेहद शानदार वेतन मिलता है जिसका लाभ हर वर्ष न्यूनतम प्रदेश के दो लाख युवाओं को मिलेगा।
प्रदेश में सेवा क्षेत्र यानी सर्विस सेक्टर में काफी संभावनाएं हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 90 फीसदी नौकरियां अधिकतम 60 से 70 हजार रुपये महीना तक हैं, जबकि सर्विस सेक्टर में एक लाख से पांच लाख रुपये महीना सामान्य पैकेज है। इसे देखते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज को जीसीसी नीति के तहत सेवा क्षेत्र के गढ़ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका सीधा फायदा हर वर्ष विभिन्न संस्थानों से निकलने वाले 15 लाख युवाओं को मिलेगा। इनमें 60 हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग व आईटी स्नातक होंगे। जीसीसी में बहुराष्ट्रीय कंपनियों की इकाइयां, आईटी, अनुसंधान-डिजाइन, डाटा एनालिटिक्स और ग्राहक सहायता जैसी विशेष सेवाएं होंगी। इनमें एआई, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं।
अडानी से बिजली खरीदेगा यूपी
ये हैं कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले
2- शहरों में नई पार्किंग नीति को मंजूरी, पीपीपी मॉडल पर बनेगी पार्किंग
3- पहले चरण में 17 नगर निगमों में पार्किंग नीति की होगी शुरूआत
4- पार्किंग के लिए पांच साल के लिए दिया जाएगा लाइसेंस
5- पार्किंग का किराया नगर निगम तय करेंगे
6- राज्य कर विभाग का दर्जा, व्यवसायिक से बदलकर सेवारत विभाग किया गया
7- उत्तरप्रदेश स्टेट कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व ऑल इंडिया टूरिस्ट बस पार्क( स्थापना व विनियमन) नीति 2025 प्रस्ताव को मंजूरी
प्राइवेट बसों के लिए बनेंगे बस स्टैंड
यूपी में निजी बसों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए सरकार उत्तर प्रदेश स्टेट कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व ऑल इंडिया टूरिस्ट बस पार्क (स्थापना एवं विनियमन) नीति 2025 लागू करेगी। इसके तहत सभी 75 जिलों में प्राइवेट बसों के लिए बस स्टैंड बनाए जाएंगे। इन बस अड्डों पर यात्रियों और ड्राइवर-कंडक्टरों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नई नीति से यातायात व्यवस्था सुधरेगी और यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
1500 मेगावाट बिजली की खरीद
आसान होगा सरकारी कर्मचारियों को तबादला लेना
कैबिनेट से मंजूर स्थानांतरण नीति-2025-26 में कर्मचारियों को कई सहूलियत दी गई है। नीति में मानसिक मंदित और चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांग बच्चों के माता-पिता की तैनाती वहां करने की व्यवस्था की गई है, जहां उनके बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। प्रदेश के 100 आकांक्षी विकास खंड वाले 34 जिलों में किसी भी विभाग में कोई पद खाली नहीं रहेगा।
तबादला सत्र के बाद समूह क के साथ ही समूह ख के स्थानांतरण विभागीय मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री के अनुमोदन से होगा। नियुक्ति विभाग के प्रमुख सचिव एम देवराज ने मंगलवार की शाम स्थानांतरण नीति संबंधी शासनादेश जारी भी कर दिया। तबादले के लिए कटऑफ डेट 31 मार्च 2025 को माना जाएगा। दायरे में न आने वाले समूह ग के कर्मचारियों का पटल जरूर बदला जाएगा। समूह क व ख की तय सीमा से अधिक स्थानांतरण के लिए सीएम से अनुमति लेनी होगी। समूह ग व घ के 10 प्रतिशत से अधिक होने पर विभागीय मंत्री से अनुमोदन लेना होगा। समूह ग और घ का स्थानांतरण मानव संपदा पोर्टल से होगा। तबादले के बाद कार्यभार मुक्ति और ग्रहण करने की व्यवस्था ऑनलाइन होगी। समूह क के अधिकारियों का उनके गृह जिले में तबादला नहीं होगा।
प्रदेश में निजी बसों के लिए अब सभी जिलों में बनेंगे बस अड्डे
प्रदेश में निजी बसों के लिए अब सभी जिलों में बस अड्डे बनेंगे। इनका निर्माण सरकारी क्षेत्र में भी हो सकेगा। नगर पालिका, नगर परिषद व निजी कंपनियां भी इसे बना सकेंगी। लेकिन, बस अड्डों पर यात्रियों के लिए सभी अत्याधुनिक सुविधाएं देनी होंगी। इसके लिए मंगलवार को कैबिनेट बैठक में यूपी स्टेज कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व ऑल इंडिया टूरिस्ट बस पार्क (स्थापना एवं विनियमन) नीति-2025 को मंजूरी दी गई है।
इन बस अड्डों के बनने से विभिन्न कस्बों में होने वाली जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी और यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नीति के अंतर्गत प्रदेश भर में बस अड्डों व पार्कों की स्थापना के लिए किसी एक आवेदक को प्रदेश में 10 से अधिक, एक जिले में 2 से अधिक और एक ही मार्ग पर एक से अधिक बस अड्डा व टूरिस्ट बस पार्क स्थापित करने की अनुमति नहीं मिलेगी। निजी निवेश से स्थापना पर संचालन के लिए पहली बार 10 वर्षों के लिए अनुमति दी जाएगी, जिसका आगे 10 वर्षों के लिए नवीनीकरण हो सकता है। स्वामित्व का हस्तांतरण एक वर्ष से पहले नहीं होगा।
डीएम के यहां देना होगा आवेदन
खन्ना ने बताया कि बस अड्डों और पार्कों की स्थापना के लिए डीएम के यहां आवेदन करना होगा। डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी। स्टेज कैरिज बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व ऑल इंडिया टूरिस्ट पार्क नियामक प्राधिकारी का गठन किया जाएगा। नीति के तहत बस अड्डा, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज व बस पार्क की स्थापना के लिए कम से कम दो एकड़ भूमि होनी चाहिए। आवेदक की वार्षिक नेटवर्थ कम से कम 50 लाख व टर्नओवर 2 करोड़ रुपये होनी चाहिए। कोई भी व्यक्ति अथवा समूह आवेदन कर सकेगा।
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