अयोध्या में लगेगी भगवान राम की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा, 251 मीटर होगी ऊंचाई
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अयोध्या मामले में फैसला आने से पहले ही प्रदेश कैबिनेट ने रामनगरी के समग्र पर्यटन विकास प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के लिए शुक्रवार को 447.46 करोड़ रुपये मंजूर कर लिए। इस रकम से सदर तहसील अंतर्गत मीरापुर में 61.3807 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी।
सरयू किनारे इसी जमीन पर भगवान राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा की स्थापना से संबधित प्रोजेक्ट आकार लेगा। प्रतिमा की स्थापना कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) से जुटाए गए बजट से की जाएगी।
ऊर्जा मंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चिह्नित जमीन के मृदा परीक्षण, डीपीआर आदि कार्यों के लिए 200 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। चालू वित्त वर्ष के बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट से संबंधित आगे की किसी अन्य निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया है।
उन्होंने बताया कि अयोध्या के डीएम ने समग्र पर्यटन विकास, सौंदर्यीकरण व भगवान राम की प्रतिमा और उन पर आधारित डिजिटल म्यूजियम, इंटरप्रेटेशन सेंटर, लाइब्रेरी, पार्किंग, फूड प्लाजा, लैंड स्केपिंग समेत अन्य पर्यटक सुविधाओं के विकास के लिए मीरापुर में जमीन खरीदने का प्रस्ताव दिया था।
विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी
सरयू तट पर प्रस्तावित भगवान राम की मूर्ति विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति होगी। इसकी ऊंचाई 251 मीटर होगी। वर्तमान में अहमदाबाद स्थित सरदार पटेल की 183 मीटर ऊंची प्रतिमा विश्व में सबसे ऊंची प्रतिमा है। चीन में स्थापित गौतम बुद्घ की प्रतिमा 128 मीटर, न्यूयार्क में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी 93 मीटर ऊंची है। मुंबई में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महराज की प्रतिमा की ऊंचाई 212 मीटर है।
शीरा नीति को मंजूरी, सस्ती होगी देशी शराब
मंत्रिपरिषद ने शुक्रवार को नई शीरा नीति को मंजूरी दे दी। वर्ष 2019-20 में देशी मदिरा के लिए कुल शीरे का 18 प्रतिशत आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। चीनी मिलों के चलने के बाद शीरे की उपलब्धता और मदिरा की आवश्यकता को ध्यान में रखकर आरक्षण के प्रतिशत में परिवर्तन भी किया जा सकेगा। नई शीरा नीति से देशी शराब सस्ती होने का अनुमान है।
गुणवत्ता तथा मानक युक्त वैध देशी शराब सस्ते दामों पर उपलब्ध कराना जन स्वास्थ्य एवं जनहित में आवश्यक है। सस्ते दामों पर वैध शराब उपलब्ध नहीं होने पर अवैध मदिरा सेवन से जनहानि की आशंका बनी रहती है। नई शीरा नीति इसी को ध्यान में रखकर बनाई गई है। वर्ष 2019-20 में 500 लाख क्विंटल शीरे का उत्पादन होने का अनुमान है। देशी मदिरा के लिए उत्पादित शीरे का 18 प्रतिशत आरक्षित करने का प्राविधान किया गया है, जबकि 2018-19 में 12.50 फीसदी शीरा आरक्षित किया गया था। बाद में इसे 16 फीसदी कर दिया गया था। अब शीरे के कुल उत्पादन के आधार पर सभी मिलों को समान रूप से आरक्षित शीरा देना होगा। कॉरपोरेट समूह की मिलें आरक्षित शीरे की आपूर्ति अपने ग्रुप की एक या एक से ज्यादा मिलों से कर सकेंगी। देशी शराब की आपूर्ति बाधित होने पर यह सुविधा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी।
पूर्वांचल में समूह की एक मिल से शीरा आपूर्ति जरूरी
पूर्वांचल में आसवनियों की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इन्हें कॉरपोरेट की मिलों से अपनी कम से कम एक मिल से आरक्षित शीरे की आपूर्ति करना अनिवार्य होगा।
सपा राज में बने 28 नए ब्लॉकों पर होगा पुनर्विचार, सोनभद्र के दो ब्लॉक बचे
प्रदेश कैबिनेट ने सपा शासनकाल में एक ही दिन में बनाए गए 30 ब्लॉकों में से 28 पर पुनर्विचार का फैसला किया है। कैबिनेट ने इसके लिए अध्ययन व सर्वेक्षण समिति बनाने का फैसला किया है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद इनके भविष्य पर फैसला होगा। हालांकि सोनभद्र के दो नए ब्लॉक बने रहेंगे। ‘अमर उजाला’ ने सपा राज में बने 28 ब्लॉकों को समाप्त करने की योजना का शुक्रवार को खुलासा किया था।
ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि 20 दिसंबर 2016 को अलग-अलग आदेशों के जरिए 30 नए विकास खंडों की स्थापना का आदेश जारी किया गया था। कैबिनेट ने इनमें सोनभद्र के कोन व करमा ब्लॉकों को छोड़कर सभी 28 विकास खंडों के गठन पर पुनर्विचार का फैसला किया है। नक्सल प्रभावित तथा आर्थिक व शैक्षिक रूप से पिछड़े होने के कारण कोन व करमा ब्लॉक को बनाए रखने का फैसला हुआ है।
अन्य 28 विकास खंडों की स्थापना के लिए मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं की कमी, वित्तीय संसाधनों की सीमित उपलब्धता, वर्तमान में खंड विकास अधिकारियों की भारी कमी के मद्देनजर कैबिनेट ने व्यापक सर्वे व गहराई से अध्ययन कराने का फैसला किया है। यह समिति मंत्रिमंडल के सदस्यों की होगी या किसी अन्य स्तर पर बनेगी, यह मुख्यमंत्री तय करेंगे। समिति की रिपोर्ट पर इन ब्लॉकों का भविष्य तय होगा।
छोटे जुर्माने से जुड़े 2016 तक लंबित 20 हजार मुकदमे होंगे समाप्त
प्रदेश कैबिनेट ने यूपी दंड विधि (अपराधों के शमन और विचारणों का उपशमन) संशोधन विधेयक, 2019 के मसौदे को मंजूरी दे दी है। इससे छोटे जुर्माने से जुड़े 20 हजार मुकदमे समाप्त हो जाएंगे। राज्य सरकार के प्रवक्ता व खादी ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि यूपी दंड विधि की धारा 107 व 109 के अंतर्गत नियम विरुद्ध वाहन चलाने, हेलमेट न लगाने जैसे छोटे जुर्माने से जुड़े मामले आते हैं।
सरकार ने 2015 तक लंबित मामलों को समाप्त करने का निर्णय पूर्व में लिया था। अब यह समयसीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर 2016 कर दी जाएगी। इस अवधि तक जो मामले अनिस्तारित हैं, वे समाप्त हो जाएंगे। इसके लिए अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि समयसीमा बढ़ाने की कार्यवाही समय-समय पर हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में की जाती है।
वाराणसी को दो नए थाने की सौगात, सारनाथ में बनेगा पर्यटक पुलिस थाना
प्रदेश कैबिनेट ने वाराणसी में दो नए थाने की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इनमें एक पर्यटक पुलिस थाना होगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के सारनाथ में पर्यटक पुलिस थाना की स्थापना की घोषणा की थी। खादी ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि सारनाथ में अशोक लाट, गौतमबुद्ध का स्तूप आदि स्थापित हैं।
पर्यटक सुविधाओं के लिहाज से वहां पर्यटन पुलिस थाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए गृह विभाग को पर्यटन विभाग की 650 वर्गमीटर जमीन नि:शुल्क देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। इसी तरह वाराणसी के कैंट थाने को विभाजित कर लालपुर-पांडेयपुर के नाम से नया थाना बनाने को मंजूरी दी गई है। बेसिक शिक्षा विभाग की 2530 वर्गमीटर जमीन 90 वर्ष के पट्टे पर दी गई है।
72 मेगावाट की सोलर पावर परियोजनाओं को हरी झंडी
प्रदेश कैबिनेट ने 72 मेगावाट क्षमता के तीन सोलर पावर परियोजनाओं की स्थापना के लिए विकासकर्ता चयन व परियोजना से उत्पादित बिजली की खरीद के लिए दरों को मंजूरी दे दी है। इससे प्रदेश को 360 करोड़ का निवेश प्राप्त होगा और उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलेगी।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण ने सौर ऊर्जा नीति-2017 के अंतर्गत 500 मेगावाट क्षमता की सोलर परियोजनाओं की स्थापना के लिए विकासकर्ता चयन की कार्रवाई शुरू कर दी है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि 90 मेगावाट क्षमता के लिए बिड आईं, जिसमें से 72 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इसमें जालौन में 32 मेगावाट, औरैया में 20 मेगावाट, सोनभद्र रिहंद में 20 मेगावाट की परियोजनाएं स्थापित हाेंगी। एनटीपीसी की ओर से 20 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की स्थापना अपने जलाशय पर की जाएगी। दूसरे 20 मेगावाट क्षमता का प्रोजेक्ट एनटीपीसी व तीसरा प्रोजेक्ट 32 मेगावाट का प्रोजेक्ट सुखबीर एग्रो इनर्जी अपने स्तर पर जमीन खरीदकर स्थापित करेगी। एनटीपीसी से 3.02 रुपये प्रति यूनिट व सुखबीर एग्रो इनर्जी से 3.05 रुपये प्रति यूनिट की दर से 25 वर्ष के लिए बिजली खरीद का अनुबंध किया गया है।