यूपी कैबिनेट ने 25000 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को दी मंजूरी
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करीब 25 हजार करोड़ के प्रस्तावित अनुपूरक बजट के आकार में संशोधनों के बाद कुछ बदलाव की संभावना है। मुख्यमंत्री 23 अगस्त को विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश कर सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में करीब 25000 करोड़ की योजनाओं से जुड़े अनुपूरक बजट प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इसमें कुछ नए प्रस्ताव शामिल करने के सुझाव दिए गए। मुख्यमंत्री ने उसे बजट में शामिल करने का निर्देश दिया।
इसके बाद कैबिनेट ने सुझावों को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया। वित्त महकमा देर रात तक सुझावों को शामिल करने की प्रक्रिया में जुटा रहा।
जानकार बताते हैं कि अनुपूरक बजट में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली अधूरी योजनाओं को पूरा करने और मुख्यमंत्री की अधूरी घोषणाओं को पूरा करने पर मुख्य जोर है।
इन योजनाओं पर होगा ज्यादा जोर
अधूरी व जर्जर सड़कों का निर्माण, अधूरे पुलों को पूरा करने, 18-22 घंटे बिजली आपूर्ति की सीएम की घोषणा पर अमल के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार के साथ पिछले साल बेमौसम बारिश और ओलों से प्रभावित किसानों को राहत देने और धान खरीद के लिए जरूरी रकम का बंदोबस्त किया जा रहा है।
इसके अलावा लखनऊ-बलिया समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, कन्नौज में परफ्यूम पार्क व परफ्यूम म्यूजियम, लोहिया गांवों में सीसी रोड, केसी ड्रेन, लखनऊ में गोमती चैनलाइजेशन के साथ ऊर्जा महकमे की उदय योजना के लिए ऋण, अंशपूंजी व ब्याज के लिए रकम दी जाएगी।
लखनऊ में केजीएमयू, राम मनोहर लोहिया संस्थान, संजय गांधी पीजीआई, सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय को भी निर्माण कार्य व उपकरणों के लिए बजट मिल सकता है। आगरा और अयोध्या से जुड़े पर्यटन महकमे के प्रस्ताव भी शामिल किए जाने के संकेत हैं।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को प्रदेश में लागू करने के लिए गठित राज्य वेतन समिति के खर्च के लिए भी प्रावधान किए जा रहे हैं। सरकार कई नई योजनाएं भी ला रही है लेकिन ये केंद्र की डी-लिंक की गई योजनाओं से प्रभावित हो रहे कार्यों को पूरा करने तक सीमित बताई जा रही हैं।