यूपी उपचुनाव: चुनाव आयोग ने किया स्पष्ट, मतदाता की पहचान करना पुलिस का काम नहीं, सपा ने जताई थी आपत्ति
UP by-election: यूपी की नौ सीटों पर होने वाले उपचुनावों के पहले चुनाव आयोग ने साफ किया है कि मतदाता की पहचान करने का काम पुलिस का नहीं है।
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मतदान के दिन मतदाताओं के पहचान का काम पुलिस कर्मी नहीं कर सकेंगे। इसके लिए प्रदेश के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी चंद्रशेखर ने उपचुनाव से संबंधित सभी पुलिस आयुक्तों व अधीक्षकों और जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीएम) को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं।
आयोग की ओर से अधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि समाजवादी पार्टी ने मतदाताओं की पहचान पुलिस बल द्वारा न किए जाने के संबंध में अनुरोध किया है। इस संबंध में अवगत कराना है कि मतदान के दिन मतदाताओं की पहचान पीठासीन अधिकारी और उनकी टीम ही करती है। मतदाताओं की पहचान पुलिस बल नहीं करता है। पुलिस बल का मुख्य उद्देश्य मतदान के दिन शांति-व्यवस्था स्थापित किया जाना है।
आयोग ने इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बूथ पर किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। इसी तरह से हैंडबुक फॉर रिटर्निंग ऑफिसर-2023 में महिला व पर्दानशीं मतदाताओं की पहचान के संबंध में प्रावधान दिए गए हैं, उनका भी पालन सुनिश्चित किया जाए।
सपा ने छह पन्नों की लिखी थी चिट्ठी
समाजवादी पार्टी ने छह पन्नों की एक चिट्ठी लिखकर चुनाव आयोग से कहा था कि उत्तर प्रदेश में मतदान के दिन यानि 20 नवंबर को पुलिस को मतदाताओं यानि वोटरों के आई कार्ड जांचने की अनुमति न दी जाए। समाजवादी पार्टी ने इस चिट्ठी में आरोप लगाया है कि आई कार्ड जांचने के बहाने पुलिस सपा समर्थक मतदाताओं को प्रभावित करने का काम कर रही है। सपा ने लिखा कि लोकसभा चुनाव के दौरान इसी तर्ज पर पुलिस ने मुस्लिम महिला मतदाताओं की पहचान के नाम पर नकाब हटवाए थे। करहल में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत भी समाजवादी पार्टी ने की है।
अखिलेश ने शेरो-शायरी के जरिये चुनाव आयोग पर साधा निशाना
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शेरो-शायरी के जरिये चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। साथ ही उससे निष्पक्ष चुनाव कराने की अपेक्षा की है। अखिलेश ने एक्स के जरिये कहा है-कठपुतली बन जाएं, किसी की, इतनी खुदगर्जी भी अच्छी नहीं। आईना मुंह मोड़ ले तुम्हें देख के, इतनी भी बे-जमीरी अच्छी नहीं। जब बने हो तुम हक के पहरेदार, तो सरेआम हकमारी अच्छी नहीं। अवाम को है तुमसे उम्मीदें बहुत, यूं तख्तों की वफादारी अच्छी नहीं। वक्त रहते सुन लो दिल की आवाज, यूं खुद से की गई गद्दारी अच्छी नहीं। जब मौका है, दुआओं को पाने का, यूं बद्दुआओं की कमाई अच्छी नहीं। यहां बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने भी लोकसभा चुनाव से पहले ईवीएम पर उठ रहे सवालों का शायराना अंदाज में जवाब दिया था। उसी तर्ज पर अखिलेश ने भी अब जवाब दिया है।