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यूपी: भारत-नेपाल सीमा पर जाली परमिट से चल रही बसों की होगी जांच, परिवहन विभाग कराएगा एफआईआर

Thu, 17 Jul 2025 06:23 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 17 Jul 2025 06:23 AM IST
सार

India Nepal border: भारत-नेपाल सीमा पर लगातार बढ़ रहीं अनचाही गतिविधियों को देखते  हुए अब भारत-नेपाल सीमा पर जाली परमिट से चल रही बसों की जांच होगी।

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UP: Buses running with fake permits on Indo-Nepal border will be checked, Transport Department will file FIR
भारत-नेपाल सीमा पर हो रही सख्ती।

विस्तार

 भारत-नेपाल सीमा पर जाली परमिट से निजी बसों के संचालन का मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग चौकन्ना हो गया है। परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने एफआईआर दर्ज करने और उच्च स्तरीय जांच कराने का निर्णय लिया है।

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उधर अलीगढ़, बागपत और महराजगंज में स्पष्ट रूप से जाली परमिट की पुष्टि हुई है। इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कार्रवाई की जा चुकी है। मामले में विधिक जांच के लिए अनुरोध किया गया है। गोरखपुर, इटावा व औरैया जैसे जिलों में भी ऐसे परमिट प्रस्तुत किए गए हैं, जो प्रथम दृष्टया भारत-नेपाल यात्री परिवहन समझौता 2014 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं। गोरखपुर प्रकरण में विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। परिवहन आयुक्त ने पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर तीन जिलों में दर्ज प्रकरणों की एसटीएफ से कराने का अनुरोध किया है।
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परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने स्पष्ट किया है कि जाली दस्तावेजों के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा नियंत्रण के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही फेसलेस परमिट प्रणाली की कार्यप्रणाली में भी तकनीकी सुधार की प्रक्रिया शुरू करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को पत्र लिखा गया है।
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क्या है नियम
मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 88 (8) व भारत-नेपाल समझौते के अनुच्छेद तीन (5) व तीन (11) के अनुसार अंतरराष्ट्रीय मार्ग पर संचालन के लिए सिर्फ गंतव्य देश की दूतावास, कांसुलेट द्वारा फॉर्म सी में जारी परमिट ही वैध होता है। ऐसे में राज्य स्तर पर एस आर-30 अथवा एसआर-31 फॉर्म में जारी परमिट भारत-नेपाल मार्ग के लिए वैधानिक नहीं हैं। भारत-नेपाल यात्री यातायात समझौता 2014 के अनुच्छेद तीन (5) व फॉर्म सी के नोट-4 के अनुसार नेपाल के लिए यात्रियों के साथ निजी बस संचालन के लिए परमिट केवल गंतव्य देश की दूतावास, कांसुलेट द्वारा ही फॉर्म सी में जारी किया जाना वैध है।

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