यूपी: किसान पथ के किनारे पास होंगे एलडीए से नक्शे, बस सकेंगी नई टाउनशिप-कॉलोनियां; बोर्ड बैठक में होगा फैसला
लखनऊ में किसान पथ के किनारे नई टाउनशिप, अपार्टमेंट और कॉलोनियां बसाने का रास्ता खुल सकता है। एलडीए भवन निर्माण मानचित्र पास करने की नीति में बदलाव का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। 17 अक्तूबर की बोर्ड बैठक में इस पर फैसला होगा। मंजूरी मिलने पर क्षेत्र में नियोजित निर्माण और विकास को बढ़ावा मिल सकता है।
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किसान पथ के किनारे भी अब एलडीए नई भवन निर्माण उपविधि के तहत मानचित्र पास करेगा। जिससे यहां पर नई टाउनशिप, अपार्टमेंट बने सकेंगे और कॉलानियां बस सकेंगी। इसको लेकर एलडीए की ओर से प्रस्ताव बनाया जा रहा है। जिसे मंजूरी के लिए 17 अक्तूबर को होने वाली बोर्ड बैठक में मंजूरी लिए लाए जाने की तैयारी है।
आवागमन को आसान बनाने के लिए बनाई गई करीब 105 किमी लंबी आउटर रिंग रोड (किसान पथ) का काम करीब तीन साल पहले पूरा हुआ था। कई जिलों को जोड़ने वाली इस रिंग करोड के किनारे लखनऊ 43 गांवों की जमीन भी है। एलडीए की नई आईटी सिटी योजना भी इसके पास ही है।
अंसल एपीआई की सुशांत गोल्फ सिटी भी इससे लगी हुई है। ऐसे आउटर रिंग रोड के किनारे की जमीन भी प्राइम हो गई है। इस पर लोगों ने अवैध रूप से निर्माण भी शुरू कर दिया, जबकि एलडीए अभी यहां पर मानचित्र पास नहीं करता है। इस पर रोक है।
ऐसे में जो लोग मानचित्र पास कराकर कॉलोनी, कॉम्प्लेक्स और टाउनशिप बसाना चाहते हैं, उनको अनुमति नहीं मिल रही है। इससे परेशान लोग एलडीए के खिलाफ न्यायालय जाने की भी तैयारी कर रहे हैं। इसको देखते हुए अब एलडीए मानचित्र पास करने की नीति में बदलाव करने जा रहा है। जिसमें अब आउटर रिंग रोड के किनारे भी मानचित्र पास करने की नीति बना रहा है। जिसका प्रस्ताव अब मंजूरी के लिए बोर्ड में लाया जाएगा।
तीन हजार रुपये वर्ग फीट तक है जमीन
जानकारों ने बताया कि आउटर रिंग के किनारे की आवासीय जमीन की कीमत इस समय करीब तीन हजार रुपये वर्ग फीट तक चल रही है। व्यावसायिक जमीन की कीमत पांच से छह हजार रुपये प्रति वर्ग फीट तक लोकेशन के हिसाब से है।
ऐसे में यदि एलडीए मानचित्र पास करने लगेगा तो आने वाले समय में यहां पर जमीन की कीमतों में और उछाल आएगा। आउटर रिंग रोड के पास एलडीए की ओर आईटी सिटी योजना आ रही है वहां पर भी आवासीय जमीन की कीमत करीब चार हजार रुपये प्रति वर्ग फीट प्रस्तावित है। योजना को पूरी तरह विकसित होने में अभी करीब चार साल समय लगेगा लेकिन योजना के विकसित होते यहां पर जमीनों के दाम और बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।
मानचित्र पास करने की व्यवस्था शुरू की जाएगी
एलडीए के सचिव सुशील प्रताप सिंह ने बताया कि आउटर रिंग रोड के किनारे अभी एलडीए मानचित्र पास नहीं करता है। लोगों की ओर से मांग की जा रही है यहां पर भी मानचित्र पास किए जाएं। ऐसे में विकास को बढ़ावा देने के लिए यह प्रस्ताव बनाया जा रहा है कि मानचित्र को पास किया जाए। इसका प्रस्ताव बोर्ड में लाया जाएगा। यदि बोर्ड मंजूरी देगा तो मानचित्र पास करने की व्यवस्था शुरू की जाएगी।