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UP Budget: शिक्षा-स्वास्थ्य और कृषि पर विशेष फोकस; इनको सीधे अकाउंट में मिलेंगे 16-20 हजार रुपये; जानें डिटेल

Wed, 11 Feb 2026 07:10 PM IST
आकाश द्विवेदी डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: आकाश द्विवेदी Updated Wed, 11 Feb 2026 07:10 PM IST
सार

UP Budget 2026-27 : योगी सरकार ने 9.12 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर विशेष जोर दिया गया है। स्वच्छताकर्मियों को सीधे 16-20 हजार रुपये मिलेंगे। किसानों के लिए सोलर पंप, एफपीओ फंड और एग्री एक्सपोर्ट हब की घोषणा हुई। राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत सीमा में रखा गया है।

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UP Budget: Special focus on education, health and agriculture, these people will get 16-20 thousand rupees dir
यूपी बजट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में योगी सरकार का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। "नव निर्माण के नौ वर्ष" की थीम पर प्रस्तुत बजट 2026-27 का कुल आकार 9,12,696.35 करोड़ रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। आकार के लिहाज से योगी सरकार ने अपने इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट प्रस्तुत किया है। 

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वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन को बताया कि यह बजट राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता, निवेश के अनुकूल माहौल और सुदृढ़ राजकोषीय प्रबंधन का परिणाम है। यह बजट न केवल राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है, बल्कि दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और सतत विकास की स्पष्ट रूपरेखा भी प्रस्तुत करता है। 
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बजट 2026-27 सरकार की उस सोच को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें विकास, वित्तीय अनुशासन और भविष्य की तैयारी तीनों को समान महत्व दिया गया है। इस बजट में अन्नदाता किसान, युवा, महिला, छात्र-छात्राओं समेत हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। 

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UP Budget: Special focus on education, health and agriculture, these people will get 16-20 thousand rupees dir
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश किया - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि को प्राथमिकता

वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में 19.5 प्रतिशत पूंजीगत परिव्यय का प्रावधान किया गया है, जो आधारभूत ढांचे, औद्योगिक विकास, सड़क, ऊर्जा और शहरी-ग्रामीण अधोसंरचना को नई गति देगा। पूंजीगत निवेश से रोजगार सृजन होगा और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। 

योगी सरकार ने सामाजिक क्षेत्रों को बजट में प्रमुख स्थान दिया है। इसके अंतर्गत शिक्षा के लिए कुल बजट का 12.4 प्रतिशत, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के लिए 6 प्रतिशत और कृषि एवं सम्बद्ध सेवाओं के लिए 9 प्रतिशत का आवंटन किया गया है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार मानव संसाधन विकास और किसानों की आय बढ़ाने को विकास की धुरी मानकर चल रही है।

राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत की सीमा में
उन्होंने बताया कि 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जो वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह राजकोषीय अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी। 

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 1,18,480.59 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो राज्य के अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 2.98 प्रतिशत है। यह 3 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर है और वित्तीय अनुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। 

समग्र परिप्रेक्ष्य में, बजट 2026-27 में एक ओर जहां विकासोन्मुख नई योजनाओं का विस्तार है, वहीं दूसरी ओर राजस्व बचत और नियंत्रित राजकोषीय घाटे के माध्यम से वित्तीय स्थिरता बनाए रखने का स्पष्ट प्रयास किया गया है। 

डीजल से सोलर की ओर बड़ा कदम

बजट में विशेष रूप से कृषि विभाग के अंतर्गत डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की महत्वाकांक्षी योजना के लिए 637.84 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों की डीजल पर निर्भरता कम होगी, लागत घटेगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम कृषि क्षेत्र में हरित ऊर्जा संक्रमण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष और एफपीओ को मजबूती

संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के मद्देनजर सरकार ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए रिवॉल्विंग फंड योजना के अंतर्गत 150 करोड़ रुपये का कोष नाबार्ड की सहभागी संस्था ‘नैब किसान’ के साथ मिलकर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसमें सरकार 75 करोड़ रुपये का अंशदान देगी। प्रत्येक पात्र एफपीओ को अधिकतम 50 लाख रुपये तक की ऋण सीमा उपलब्ध कराई जाएगी। 

इसके अतिरिक्त, यूपी एग्रीज के अंतर्गत प्रदेश में एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए 245 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना और किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत 38 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश में 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी, जिसके लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 

इसके अलावा, बजट में स्वच्छताकर्मियों को बड़ा तोहफा देते हुए उनके अकाउंट में सीधे 16 से 20 हजार रुपये भेजने का भी प्रावधान किया गया है। इसके लिए सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। जल्द ही स्कीम का फायदा स्वच्छताकर्मियों को मिलेगा।

UP Budget: Special focus on education, health and agriculture, these people will get 16-20 thousand rupees dir
सदन में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश किया - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा

बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कार्मिकों तथा पीएम पोषण योजना की रसोइयों एवं उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के लिए 357.84 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 89.25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। 

प्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को निशुल्क सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्कूल उपस्थिति में सुधार की उम्मीद है। स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एआई प्रमाणन शुल्क प्रतिपूर्ति योजना हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के अंतर्गत मेधावी छात्रों के शिक्षा ऋण पर अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी के लिए 30 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।

एमएसएमई और रोजगार को बढ़ावा

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के तहत सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लॉइमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे स्थानीय खाद्य उत्पादों को पहचान और बाजार मिलेगा।

इसके साथ ही, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत इंटरनेशनल फिल्म सिटी परियोजना को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में फिल्म उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

यूपी एआई मिशन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के तहत ‘उत्तर प्रदेश एआई मिशन’ (यूपीएआई मिशन) शुरू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत अगले तीन वर्षों में लगभग 2000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम चरणबद्ध रूप से लागू किए जाएंगे। इसके लिए 225 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। स्टेट डाटा सेंटर 2.0 के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। 

इसके साथ नियोजन विभाग के अंतर्गत स्टेट डाटा अथॉरिटी की स्थापना हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए 53 विभागों में ‘जन विश्वास सिद्धांत’ लागू किया जाएगा। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

श्रमजीवी महिला छात्रावास के लिए 80 करोड़ रुपये का बजट

मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के अंतर्गत गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और लखनऊ में निर्माण कार्य चल रहा है। अन्य जनपदों (अयोध्या, बरेली, अलीगढ़, मिर्जापुर, सहारनपुर एवं मुरादाबाद) में विस्तार के लिए 80 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। जनमानस के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एसजीपीजीआई में क्वाटर्नरी हेल्थ केयर सुविधा प्रारंभ करने के लिए 359 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 

इसके साथ ही कैंसर मिशन के अंतर्गत हब एवं स्पोक मॉडल पर राज्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों तथा निजी क्षेत्र के समन्वय से कैंसर उपचार व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना, वाराणसी रीजन चयनित

केन्द्रीय बजट 2026-27 के अंतर्गत सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना में 7 रीजन की पहचान की गई है, जिनमें वाराणसी रीजन भी शामिल है। नीति आयोग की जनवरी 2026 की रिपोर्ट में काशी-विन्ध्य क्षेत्र को ‘इकोनॉमिक हब’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसमें 34 प्राथमिकता परियोजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल, पर्यटन, विनिर्माण, ऊर्जा और आवास क्षेत्रों में समेकित विकास किया जाएगा।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर

यूपी बजट में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यमी बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 

इसके माध्यम से महिलाओं को आसान, ब्याज-मुक्त एवं चरणबद्ध पूंजी उपलब्ध कराकर ‘लखपति दीदी’ लक्ष्य को गति दी जाएगी। वहीं महिला उद्यमियों द्वारा उत्पादित सामान की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस योजना के तहत रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट और बड़े बाजारों में महिलाओं द्वारा संचालित शोरूम व दुकानों की व्यवस्था की जाएगी, जिनका किराया शुरुआती तीन वर्षों तक राज्य सरकार वहन करेगी।

ऋण प्रबंधन में योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि

वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-17 में राज्य को 29.3 प्रतिशत ऋण-जीएसडीपी की अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी, जिसे 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत कर दिया गया। हालांकि कोविड-19 महामारी के कारण यह अनुपात वर्ष 2021-22 में बढ़कर 33.4 प्रतिशत हो गया था, लेकिन सुनियोजित राजकोषीय प्रबंधन के चलते वर्ष 2024-25 में इसे पुनः 27 प्रतिशत से नीचे लाया गया है। 

सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात को 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य तय किया है। इतना ही नहीं, बजट के साथ प्रस्तुत मध्यकालीन राजकोषीय नीति में इसे चरणबद्ध रूप से 20 प्रतिशत से नीचे लाने का संकल्प भी दोहराया गया है। इसका उद्देश्य राज्य की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और सतत विकास सुनिश्चित करना है।

नई योजनाओं और सुदृढ़ वित्तीय संरचना की दिशा में बड़ा कदम

प्रदेश सरकार ने अपने बजट में 43,565.33 करोड़ रुपये की नई योजनाओं को शामिल किया है, जिनका उद्देश्य अधोसंरचना विकास, सामाजिक क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण और उत्पादक निवेश को गति देना है। यह प्रावधान राज्य की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

राज्य की कुल प्राप्तियां 8,48,233.18 करोड़ रुपये अनुमानित की गई हैं। इसमें से राजस्व प्राप्तियां 7,28,928.12 करोड़ रुपये तथा पूंजीगत प्राप्तियां 1,19,305.06 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का बड़ा हिस्सा 6,03,401.76 करोड़ रुपये है।

इसमें स्वयं का कर राजस्व 3,34,491 करोड़ रुपये तथा केन्द्रीय करों में राज्य का अंश 2,68,910.76 करोड़ रुपये शामिल है। यह वित्तीय संरचना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि राज्य की आय में स्वयं के संसाधनों की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है, जिससे राज्य आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर और सशक्त बनता जा रहा है।

UP Budget: Special focus on education, health and agriculture, these people will get 16-20 thousand rupees dir
सीएम योगी के साथ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

पूंजीगत निवेश पर स्पष्ट बल

राज्य सरकार ने कुल 9,12,696.35 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव रखा है, जिसमें पूंजीगत निवेश को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसमें से 6,64,470.55 करोड़ रुपये राजस्व लेखा व्यय तथा 2,48,225.81 करोड़ रुपये पूंजी लेखा व्यय के रूप में निर्धारित किए गए हैं। 

पूंजीगत व्यय का यह उच्च स्तर राज्य में दीर्घकालिक परिसंपत्तियों के निर्माण, आधारभूत संरचना के विस्तार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वित्त मंत्री ने बताया कि समेकित निधि की प्राप्तियों में से कुल व्यय घटाने पर 64,463.17 करोड़ रुपये का घाटा अनुमानित है। वहीं लोक लेखे से 9,500 करोड़ रुपये की शुद्ध प्राप्तियां अनुमानित की गई हैं। 

इन दोनों को समायोजित करने पर समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम 54,963.17 करोड़ रुपये ऋणात्मक आंका गया है, जो वित्तीय प्रबंधन के संतुलन की आवश्यकता को इंगित करता है। वित्त मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक शेष 96.41 करोड़ रुपये ऋणात्मक को जोड़ने पर अंतिम शेष 55,059.58 करोड़ रुपये ऋणात्मक अनुमानित है। एक सकारात्मक संकेत यह भी है कि राजस्व बचत 64,457.57 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है, जो दर्शाता है कि राज्य की नियमित आय उसके नियमित व्यय से अधिक है और राजकोषीय संतुलन को बनाए रखने में सहायता कर रही है।

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