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यूपी बजट सत्र: शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने पर शिक्षा मंत्री बोले- कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार लेंगे निर्णय
Tue, 06 Feb 2024 01:32 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 06 Feb 2024 01:32 PM IST
सार
यूपी बजट सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही में यूपी सरकार के मंत्रियों ने विपक्ष के नेताओं के सवालों के जवाब दिए। सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने और शिक्षक भर्ती पर भी जवाब दिए।
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यूपी विधानसभा (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
विस्तार
यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने विधानसभा में शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने के सवाल के जवाब में कहा कि बेसिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया गया है। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार सरकार निर्णय लेगी।
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बता दें प्रदेश के शिक्षामित्र लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं पर अभी तक इस पर निर्णय नहीं लिया गया है। वहीं, एक अन्य सवाल के जवाब में बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में छात्र शिक्षक अनुपात पूरा है अभी शिक्षक भर्ती का कोई प्रस्ताव या प्रक्रिया विचाराधीन नहीं है।
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एक अन्य प्रश्न के जवाब में बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार बेसिक शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा बीमा देने पर विचार कर रही है।
सपा नेता ने कहा, विरोध करने वालों की सूची से मेरा नाम हटाएं
सपा विधायक स्वामी ओमवेश ने कहा कि वह राम के भक्त हैं। कल उन्होंने बधाई प्रस्ताव के पक्ष में हाथ खड़े किए थे। उन्होंने कहा कि वह रोजाना हवन के बाद जय श्रीराम का नारा लगाते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि कल की कार्यवाही में से बधाई का विरोध करने वालों में से उनका नाम हटाया जाए।
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जब तक बच्चा पांच साल का न हो जाए महिला कर्मचारियों को गृह जिले में दें तैनाती
विधानसभा में कांग्रेस की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कामकाजी महिलाओं को बच्चों की देखभाल के लिए उनके गृह जिले में तबादला कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कम से कम जब तक बच्चा पांच साल का का नहीं हो जाता तब तक महिला कर्मचारियों को उनके गृह जिले में तैनात करें। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार ने बेसिक शिक्षा में 16 हजार तबादले इसलिए ही किए है। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों की देखभाल के पर्याप्त मातृत्व अवकाश दे रही है।
संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मचारी नहीं होंगे स्थायी
वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने एक सवाल के जवाब में कहा कि संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को स्थायी करने की सरकार की कोई योजना नहीं है।