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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Budget session 2022-23: Debate on budget in UP vidhan sabha.

बजट पर विधानसभा में चर्चा: सपा नेता बोले, सरकार बजट दे नहीं रही है, केवल भभूत से हो रहा विकास

Mon, 27 Feb 2023 12:37 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 27 Feb 2023 12:37 AM IST
सार

वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट पर विधानसभा में चर्चा शुरू हो गई है। लालजी वर्मा ने कहा, जितना बजट पेश किया गया था। उसका आधा ही खर्च किया गया है।

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UP Budget session 2022-23: Debate on budget in UP vidhan sabha.
यूपी विधानसभा का एक दृश्य। - फोटो : amar ujala

विस्तार

सरकार विभागों को बजट नहीं दे रही है। जो बजट दिया जा रहा है, वह भी खर्च नहीं हो रहा है। प्रदेश में विकास केवल भभूत से हो रहा है। ये आरोप सपा विधायक लालजी वर्मा ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2023-24 के बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार का यह बजट सपने बेचने वाला है। गांव, गरीब, किसान, महिला और नौजवान विरोधी बजट पेश कर सरकार झूठी वाहवाही लूट रही है।

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वर्मा ने कहा कि सरकार बीते छह वर्ष की उपलब्धियां ऐसे बता रही हैं जैसे कि वर्ष 2017 से पहले यूपी में कुछ हुआ ही नहीं था। बजट में गन्ना उत्पादन 1,00,875 टन प्रति हेक्टेयर बढ़ना बताया गया है, जो संभव नहीं है। चालू वित्तीय वर्ष में 6,15,518 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। अब तक 57 फीसदी बजट ही खर्च हुआ है। ऐसे में एक महीने में शत प्रतिशत बजट खर्च होना संभव नहीं है। 

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अगर विश्वसनीयता होती तो सीटें 325 से 256 कैसे हो गईं
वर्मा ने कहा कि सरकार विश्वसनीयता के दम पर दोबारा जीतकर आने का दावा करती है। सरकार को याद रखना चाहिए कि कांग्रेस ने प्रदेश में कई बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। यदि सरकार की विश्वसनीयता होती तो 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा की सीटें 325 से घटकर 256 कैसे हो गई। वर्मा ने कहा कि सरकार ने अनुसूचित जनजाति छात्रवृत्ति के लिए 22 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर एक भी रुपया जारी नहीं किया। अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के लिए 828 करोड़ रुपये का प्रावधान कर सिर्फ 39.92 करोड़ रुपये जारी किए है। 


सदन में गूंजा जौनपुर सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों का मुद्दा
विधानसभा में जौनपुर सहित पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में नवनिर्मित राज्य स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय का मुद्दा गूंजा। जौनपुर के जफराबाद विधायक जगदीश नारायण राय ने आरोप लगाया कि नवनिर्मित चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस की पढाई शुरू करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन अभी तक नर्सिंग एवं पैरामेडिकल की भर्ती पूरी नहीं हो पाई है।

विधायक जगदीश नारायण राय ने कहा कि जौनपुर, मिर्जापुर सहित पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में बन रहे मेडिकल कॉलेज से मरीजों को सस्ते दर पर सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधा देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन स्थिति यह है कि अभी तक ज्यादातर मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। मेडिकल कॉलेज के नाम पर जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति भी खराब कर दी गई है। 

इन  कॉलेजों में कार्यरत अध्यापक और रेजीडेंट डॉक्टर लिपिक का कार्य करने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि नर्सिंग एवं पैरामेडिकल की भर्ती के लिए एक मैन पॉवर एजेंसी तय की जाती है। वह नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करती है। शिक्षित बेरोजगार आवेदन करते हैं और कुछ समय बाद पता चला कि एजेंसी ही बदल गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन एजेंसियों के नाम पर शिक्षित बेरोजगारों से धन उगाही की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और मेडिकल कॉलेजों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कराने की मांग की।

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