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यूपी बोर्डः कोरोना संक्रमण के चलते बदली व्यवस्था, छोटे-छोटे समूहों में होगी प्रयोगात्मक परीक्षा

Sat, 21 Nov 2020 11:09 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sat, 21 Nov 2020 11:09 AM IST
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UP board: System of practical examination changed due to corona infection
- फोटो : amar ujala
यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारियां शुरू हो गई है। प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तैयारियों के साथ ही सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार बदली हुई व्यवस्था में प्रयोगात्मक परीक्षा होगी। कोरोना के चलते यह बदलाव किया गया है।
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परीक्षाओं के लिए प्रयोगशाला में छोटे-छोटे समूह में छात्रों को बुलाया जाएगा। आमतौर पर हर वर्ष 15 दिसंबर से जनवरी 15 तक यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराई जाती रही हैं, लेकिन इस बार कोरोना के चलते प्रयोगात्मक परीक्षा फरवरी के प्रथम और द्वितीय सप्ताह में होगी।
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वह भी बदले हुए नियम व व्यवस्थाओं के बीच कराई जाएगी। सभी छात्रों की एक साथ परीक्षा नहीं कराई जाएगी। प्रयोगशाला में छोटे-छोटे समूह में छात्रों को बुलाया जाएगा। बारी बारी से परीक्षा संपन्न कराई जाएगी।
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ऐसे में आमतौर पर एक दिन में खत्म हो जाने वाली परीक्षा में इस बार एक दिन से ज्यादा समय लगने की संभावना है। परीक्षा देने वाले छात्रों को इस बार एक दिन के बजाय अलग-अलग तिथि दी जाएगी। इस बारे में जल्द ही बोर्ड की तरफ से सारे दिशा निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
 

परीक्षकों के लिए जुटाया  जा रहा है ब्योरा

प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए विषयवार परीक्षकों की सूची तैयार करने के लिए शिक्षकों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि बोर्ड के निर्देश पर सभी स्कूलों को आदेश दिए गए हैं कि वे अपने शिक्षकों का डाटा 30 नवंबर तक परिषद की वेबसाइट ऑनलाइन फीड करें।

उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर तक  कार्यालय से ब्योरे को अपडेट किया जाएगा। शिक्षकों के विषय, नाम स्कूल आदि ब्योरे को सावधानी से फीड करने का निर्देश दिया गया है, ताकि गलत विषय के शिक्षक परीक्षा लेने न पहुंचें। इसी ब्योरे से बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।

स्कूलों में प्रयोगात्मक कार्य निपटाने पर जोर

जब से स्कूल खोले गए हैं तभी से छात्रों की प्रैक्टिकल की पढ़ाई पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। स्कूल इस दौरान प्रैक्टिकल निपटाने में जुटे हैं। अमीनाबाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य साहेब लाल मिश्रा ने बताया कि 30 प्रतिशत तक पाठ्यक्रम पहले ही कम कर दिया गया है और जो बाकी बचे हैं उसमें विकल्प भी हैं।

ऐसे में प्रैक्टिकल करने की संख्या पहले से काफी कम हो गई है। अगले माह तक सारे प्रैक्टिकल पूरे हो जाएंगे। छात्रों को रिवीजन का भी काफी समय मिलेगा।

 
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