लखनऊ में फेल हुए सिर्फ छह फीसदी स्टूडेंट्स
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लखनऊ ने भले ही अपने पास प्रतिशत में सुधार किया पर ओवरऑल पास प्रतिशत बीते साल के मुकाबले काफी कम हो गया।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों के पास प्रतिशत में बीते साल के मुकाबले गिरावट आई है। इस साल पूरे प्रदेश में इंटरमीडिएट में 88.83 प्रतिशत और हाईस्कूल में 83.74 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल घोषित हुए हैं।
बीते साल इंटरमीडिएट में पास होने वाले परीक्षार्थियों का प्रतिशत 92.21 और हाईस्कूल में 86.71 प्रतिशत रहा था।
पिछले दो साल से इंटरमीडिएट का पास प्रतिशत 90 के पार पहुंच रहा था। इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों में से किसी का पास प्रतिशत 90 के पार नहीं पहुंच सका।
लड़कियों ने इस बार भी लड़कों की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया। इसके बावजूद पास प्रतिशत में गिरावट आने से बचा नहीं सकीं। लड़कियों के पास प्रतिशत में बीते साल के मुकाबले इस साल 2.97 प्रतिशत की कमी आई है।
बीते साल से कम लड़के हुए पास
लड़कों के पास प्रतिशत में भी काफी गिरावट हुई है। बीते साल के मुकाबले इस साल 3.90 फीसदी लड़के कम हुए हैं।
2013 में 89.79 प्रतिशत लड़के पास थे, वहीं 2014 में 89.81 प्रतिशत लड़के पास हुए वहीं 2015 में ये प्रतिशत घटकर 85.91 रह गया।
वहीं 2013 में 96.32 प्रतिशत लड़कियां पास हुई थीं, 2014 में 95.13 प्रतिशत लड़कियां पास हुईं और 2015 में ये आंकड़ा घटकर 92.16 प्रतिशत पर रह गया।
पिछली बार की तुलना में टॉपर के प्रतिशत में भी कमी आई है। 2014 में टॉपर के 97.4 प्रतिशत नंबर थे। वहीं इस साल टॉपर के 97.2 प्रतिशत नंबर हैं।
उत्तर प्रदेश में 88.33 प्रतिशत स्टूडेंट पास हुए वहीं लखनऊ में 94.38 प्रतिशत स्टूडेंट ने इंटरमीडिएट में सफलता पाई।