यूपी भाजपा अध्यक्ष बोले: मेरा काम करने का तरीका है अलग, पारदार्शिता के साथ होंगे सभी फैसले; जानिए बड़ी बातें
UP BJP President: यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पद संभालने के बाद पहली बार पत्रकारों से बात की। उन्होंने यहां पर अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं।
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भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संगठन की टीम और कार्यकर्ताओं के संबंध में अपना नजरिया स्पष्ट किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके काम करने का तरीक अलग है। वे लंद-फंद वाले नेता नहीं है। जो भी करेंगे सबकी सहमति से और पारदर्शी तरीके से करेंगे। उनकी नजर में कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान ही सर्वोपरि है। मैं अपनी पूरी टीम के सभी सदस्यों को साथ लेकर चलने का प्रयास करूंगा। मेरे लिए कार्यकर्ता ही सब कुछ है और उनके मान सम्मान के लिए काम करना ही मेरा लक्ष्य है।
प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद मंगलवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में अपने पहली प्रेस कांफ्रेस में चौधरी ने संगठन के कामकाज की प्राथमिकताएं गिनाए। यूपी जैसे बड़े राज्य में पार्टी के संगठन का मुखिया बनाए जाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह मिलना उनके लिए गौरव का विषय है। संगठन में फेरबदल के सवाल पर उन्होंने कहा, उनका काम करने का तरीका कुछ हटके हैं। 35 साल के राजनीतिक जीवन के अनुभव से उन्होंने यही सीखा है कि कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ है। इसलिए वह उनकी प्राथमिकता में कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान के लिए काम करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि 25 दिसंबर को भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के उपलक्ष्य में 25 से 31 दिसंबर तक सुशासन दिवस मनाया जाएगा। इसी कड़ी में 25 दिसंबर को पीएम नरेन्द्र मोदी प्रेरणा स्थल का लोकार्पण कर रहे हैं। अगले ही दिन 26 दिसंबर को पार्टी ने वीर बाल दिवस समारोह मनाएगी। एसआईआर में भी कार्यकर्ता जोर-शोर से लगे हैं।
जरूरत के हिसाब से मिलता है पद
गोरखपुर क्षेत्र से सरकार और संगठन के मुखिया बनाए जाने से जुड़े सवाल पर चौधरी ने भाजपा में कार्यकर्ताओं की क्षमता के आधार पर जिम्मेदारी दी जाती है। बाहरी लोगों को पद दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा में आवश्यकता के अनुसार लोगों को पद मिलता है। जहां जैसी जरूरत होती है, वहां वैसे कार्यकर्ताओं की तैनाती की जाती है।
परिवार दल एलायंस है पीडीए
सपा के पीडीए पर चौधरी ने कहा कि सपा के पीडीए एक पारिवारिक दल अलांयस है। एनडी अलांयस में शामिल सभी दल पारिवारिक दल हैं। यूपी, बिहार, बंगाल समेत हर जगह पारिवारिक दल हैं। वहीं, लोकतांत्रिक परंपरा सिर्फ भाजपा में है। इसके उदाहरण कल्याण सिंह हैं, जिन्हें भाजपा ने 1984 में नेता विरोधी दल और 1991 में सरकार बनने पर मुख्यमंत्री बनाया था। जबकि सपा की सरकार बनी तो आजम खां जैसे वरिष्ठ नेता होते हुए अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने।