यूपी: भाजपा जिलाध्यक्ष पर लगा था पद के बदले हमबिस्तर होने के दबाव का आरोप, प्रदेश अध्यक्ष तक पहुंचा मामला
Mahoba BJP dispute:आरोप है कि जिला अध्यक्ष ने उन्हें दिल्ली और लखनऊ साथ चलने का प्रस्ताव दिया और बात न मानने पर पद से हटाने या पार्टी से बाहर करने की धमकी दी।
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महोबा जिले में भाजपा के जिलाअध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा और पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी के बीच छिड़ी रार अब सड़क पर आ गई है। दीपाली ने जहां जिलाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, जिलाध्यक्ष ने भी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने पूर्व पदाधिकारी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच के लिए विशेष समिति गठित करने की मांग की है। इसी कड़ी में कानपुर-बुंदेलखंड के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने दो सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। समिति को तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है।
जांच के लिए गठित समिति में उप्र महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष एवं प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष कमलावती सिंह और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के भाजपा उपाध्यक्ष संत विलाश शिवहरे को सदस्य बनाया गया है। प्रकाश पाल ने बताया कि पार्टी ने आरोपों को गंभीरता से लिया है। समिति को आरोपों की गहनता से जांच करने का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर पार्टी आगे की आवश्यक कार्रवाई करेगी।
ये था पूरा महोबा जिले का पूरा मामला
भाजपा की पूर्व जिला मंत्री ने पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि जिला उपाध्यक्ष पद के बदले उन पर हमबिस्तर होने का दबाव बनाया गया। वहीं, जिला अध्यक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे छवि धूमिल करने की साजिश बताया है।
जिले में भाजपा के अंदर मची तकरार अब सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ गई है। नई जिला कार्यकारिणी के गठन के बाद से ही आरोपों का दौर जारी है। अब पूर्व जिला मंत्री ने फेसबुक लाइव में सीधे तौर पर जिलाध्यक्ष पर पद के बदले अनुचित दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने जिला उपाध्यक्ष पद के लिए बात की, तो जिला अध्यक्ष ने उनके सामने ऐसी शर्त रखी, जिसे सुनकर वह हैरान रह गईं।
आरोप है कि जिला अध्यक्ष ने उन्हें दिल्ली और लखनऊ साथ चलने का प्रस्ताव दिया और बात न मानने पर पद से हटाने या पार्टी से बाहर करने की धमकी दी। आरोप लगाया कि पार्टी के दो अन्य पदाधिकारी भी उन पर जिला अध्यक्ष की बात मानने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने भावुक होकर कहा कि वह वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित थीं, लेकिन जब उनके पति को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई, तब उनका सब्र टूट गया और उन्हें फेसबुक लाइव के जरिए अपनी बात सार्वजनिक करनी पड़ी।