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यूपी : बड़ा दोषी बहाल, छोटे अब तक निलंबित, रोडवेज में बेटिकट यात्री ढोने और परिचालकों को बहाल करने का मामला

Wed, 10 Nov 2021 11:45 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 10 Nov 2021 11:45 PM IST
सार

अयोध्या परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक एसपी सिंह ने 22 अक्टूबर को परिचालक डीएन त्रिपाठी का निलंबन खत्म करते हुए अनंतिम रूप से बहाल कर दिया।

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UP: Big guilty reinstated, minor suspended till now, case of carrying ticketless passengers in roadways and reinstating operators
यूपी रोडवेज की बसें - फोटो : सोशल मीडिया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) में भी अफसरों की भी अजीब माया है। अयोध्या परिक्षेत्र का जो परिचालक 21 बेटिकट यात्री ढोते रंगे हाथ पकड़ा गया, उसे क्षेत्रीय प्रबंधक ने बहाल कर दिया। वहीं इस मामले में जिन पर सिर्फ लापरवाही और सांठगांठ का आरोप था, वह अब तक निलंबित हैं।
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अयोध्या परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक एसपी सिंह ने 22 अक्टूबर को परिचालक डीएन त्रिपाठी का निलंबन खत्म करते हुए अनंतिम रूप से बहाल कर दिया। जबकि इसी मामले में सुल्तानपुर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद कुमार व यातायात अधीक्षक अशोक कुमार सागर भी निलंबित हुए थे, जिनकी अब तक बहाली नहीं की गई।
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बहाली हुई पर नहीं बदला डिपो
क्षेत्रीय प्रबंधक ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए परिचालक डीएन त्रिपाठी को बहाल कर दिया। मगर, नियमानुसार कर्मचारी का निलंबन खत्म होने के बाद उस जगह पर तैनाती नहीं होती, जहां पर वह निलंबित होता है। लेकिन डीएन त्रिपाठी ने जिस डिपो में कांड किया, उसे वहीं पर बहाल कर दिया गया।
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यह था मामला
सुल्तानपुर डिपो के नियमित परिचालक डीएन त्रिपाठी को आजमगढ़ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल त्रिपाठी ने औचक चेकिंग के दौरान 28 जून को 24 यात्रियों में से 21 को बेटिकट सफर कराते पकड़ा था। जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि सभी यात्रियों ने परिचालक को किराया देने की बात कही थी, पर टिकट नहीं दिया गया था।

33 बेटिकट में संविदा परिचालक बहाल
इटावा डिपो की बस के संविदा परिचालक को 28 जून 42 यात्री में 33 बेटिकट यात्री ढोते चेकिंग टीम ने पकड़ा गया था। इस मामले में परिचालक की संविदा नौकरी खत्म कर दी गई थी। साथ ही दो सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों कोे निलंबित किया गया था। इस मामले में भी परिचालक की संविदा को बहाल कर दिया गया है। 


90 दिन में बहाल करने का अधिकार
क्षेत्रीय प्रबंधक को निलंबित परिचालक को 90 दिन के भीतर बहाल करने का अधिकार है। मैंने उसे बहाल कर दिया, मगर उसके खिलाफ जांच चलती रहेगी। बहाली का जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- एसपी सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक अयोध्या परिक्षेत्र परिवहन निगम
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