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यूपी: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने में फंसे भदोही के सीएफओ, डीजी अग्निशमन सेवा ने कराई थी जांच

Mon, 15 Jul 2024 08:00 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 15 Jul 2024 08:00 PM IST
सार

Bhadohi CFO: सीएफओ विश्वरूप बनर्जी ने पीलीभीत में तैनात रहने के दौरान बरेली के सीएफओ पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था।

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UP: Bhadohi's CFO trapped in amassing disproportionate assets, DG fire service had conducted investigation
आर्थिक अपराध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) ने भदोही के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) विश्वरूप बनर्जी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा दर्ज किया है। कन्नौज में तैनाती के दौरान उनकी चल-अचल संपत्तियों की जांच का आदेश डीजी अग्निशमन सेवा ने दिया था। जांच में कुल वैध आय से 44.46 फीसद अधिक संपत्ति मिलने पर शासन के आदेश पर एसीओ के कानपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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बता दें कि जून, 2021 में डीजी अग्निशमन सेवा ने कन्नौज में तैनात रहे सीएफओ विश्वरूप बनर्जी द्वारा अंजाम दिए गये भ्रष्टाचार से जुटाई गयीं चल-अचल संपत्तियों की जांच एसीओ से कराने का आदेश किया था। जांच में सामने आया कि एक फरवरी 2016 से 31 मार्च 2021 के दरम्यान प्रयागराज निवासी विश्वरूप बनर्जी ने अपनी आय के समस्त ज्ञात स्रोतों से कुल 24,36,178 रुपये अर्जित किए। 
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वहीं इस अवधि में चल-अचल संपत्तियों को अर्जित करने एवं भरण पोषण में कुल 35,19,514 रुपये व्यय किए। इस तरह उन्होंने अपनी वैध आय से 10,83,338 रुपये की अघोषित संपत्ति जुटाई। इस अंतर के बारे में पूछे जाने पर वह कोई भी साक्ष्य नहीं दे सके। एसीओ ने गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ अपनी रिपोर्ट देते हुए मुकदमा दर्ज करने की अनुमति मांगी थी। विश्वरूप वर्तमान में संतरविदासनगर (भदोही) में तैनात हैं।
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अपनी जान का खतरा बताया था
सीएफओ विश्वरूप बनर्जी ने पीलीभीत में तैनात रहने के दौरान बरेली के सीएफओ पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। तत्पश्चात शासन ने जनहित के कार्यों का निस्तारण नहीं करने, दुर्व्यवहार और अनुशासनहीनता के आरोप में उनको हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। उन पर स्थानीय कारोबारियों का शोषण करने का आरोप भी लगा था, जिसकी जांच तत्कालीन एसपी ने करायी थी।

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