देश में तबाही फैलाने की साजिश रच रहे 10 आतंकियों में से नौ यूपी के
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छह राज्यों की संयुक्त कार्रवाई के बाद यूपी एटीएस ने आईएस के खोरासान मॉडल से प्रभावित जिन 10 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, उनमें से 9 यूपी के हैं। जहां चार गिरफ्तार संदिग्धों में बिजनौर के दो व एक उन्नाव का है, वहीं हिरासत में लिए गए 6 संदिग्धों में 5 बिजनौर के जबकि एक शामली का है।
इस पूरे अभियान में यूपी एटीएस, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, पंजाब पुलिस, क्राइम इंवेस्टिगेशन सेल आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र एटीएस और बिहार पुलिस की टीम शामिल थी।
मीडिया सेंटर में आईजी लोक शिकायत विजय सिंह मीणा ने पत्रकारो को बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को पता चला था कि इस तरह का संगठन तैयार किया जा रहा है जो देश में अशांति फैलाकर सामाजिक सौहार्द में खलल डालना चाहता है।
कई अन्य राज्यों की ओर से भी इस बारे में यूपी एटीएस को सूचनाएं मिली थी जिसके बाद संयुक्त टीमें बनाकर पुलिस ने कार्रवाई की और एक साथ नौ टीमें बनाकर नौ स्थानों पर दबिश दी गई और 10 लोगों को हिरासत में लिया गया। जिसमें से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाकी दह से विभिन्न एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं।
गुनाह के हिसाब से मिलेगी सजा
आईजी ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में जिस व्यक्ति की जितनी संलिप्तता होगी। उसके खिलाफ उतनी ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसमें कुछ युवकों का मानसिक रूप से धार्मिक कट्टरता की ओर झुकाव हुआ है लेकिन अभी तक कोई अपराध नहीं किया है। ऐसे युवकों से व्यक्गित रूप से बातचीत कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने की कोशिश की जाएगी।
लखनऊ में मारे गए सैफुल्लाह के गैंग से संबंध नहीं
आईजी लोक शिकायत ने बताया कि इस घटना का पूर्व में लखनऊ में एनकाउंटर में मारे गए सैफुल्लाह या उसके गैंग से कोई संबंध नहीं है। लेकिन दोनों ही ग्रुप की मॉडल अपरेंडी एक जैसी नजर आ रही है। इस बारे में पकड़े गए युवकों को रिमांड पर लेने के बाद दोबारा पूछताछ की जाएगी।
मालूम हो कि मध्य प्रदेश में ट्रेन में धमाके के बाद आईबी की सूचना के आधार पर एटीएस ने लखनऊ की हाजी कॉलोनी में सैफुल्लाह नाम के संदिग्ध आतंकी को मार गिराया था और उसके घर से भारी मात्रा में कारतूस व आईएस से जुड़े साहित्य व झंडे बरामद किए थे।