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यूपी एटीएस की जांच: फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रहे 382 शिक्षक होंगे बर्खास्त, सबसे ज्यादा देवरिया जिले के
Wed, 10 Jan 2024 08:13 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 10 Jan 2024 08:13 PM IST
सार
फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी हासिल करने के मामले आने के बाद इसकी जांच यूपी एटीएस को सौंपी गई थी। अब इसकी जांच रिपोर्ट आ गई है।
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बेसिक टीचर फर्जीवाड़ा। सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
फर्जी दस्तावेज लगाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले प्रदेश के 382 शिक्षकों को जल्द बर्खास्त किया जा सकता है। यूपी एसटीएफ ने जांच के बाद दोषी पाए गए शिक्षकों को बर्खास्त करने के लिए 48 जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है। इन सभी की जांच बीते करीब साढ़े तीन वर्षों के दौरान की गयी है।
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बता दें कि एसटीएफ बीते करीब पांच वर्ष से फर्जी दस्तावेज लगाकर शिक्षक की नौकरी हासिल करने के मामले की जांच कर रही है। एसटीएफ के अनुमान के मुताबिक प्रदेश में इस तरह के करीब 50 हजार शिक्षक हैं, जिन्होंने दूसरे की मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल की और सालों से काम कर रहे हैं। हाल ही में एसटीएफ ने ऐसे 382 शिक्षकों के खिलाफ जांच पूरी कर उनको बर्खास्त करने की संस्तुति की है। इनमें सर्वाधिक 52 शिक्षक देवरिया के हैं। इसके अलावा मथुरा के 43, सिद्धार्थनगर के 29 शिक्षक हैं। बाकी जिलों के शिक्षकों की सूची जल्द अपडेट हो जाएगी।
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2006 से 2016 तक हुए भर्ती
एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक ये भर्तियां वर्ष 2006 से 2016 के बीच हुई थी। एसटीएफ और जिला पुलिस की जांच के बाद देवरिया में बीते दिनों 85 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। अब एसटीएफ मुख्यालय यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि किस तरह जालसाजों ने सरकारी सिस्टम को धता बताकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की थी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग के डाटाबेस की गहनता से पड़ताल जारी है।
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