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यूपी एटीएस की कार्रवाई: मानव तस्करी सिंडिकेट को दिल्ली से किया गिरफ्तार, विदेशों से आता था पैसा
Wed, 20 Dec 2023 07:34 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 20 Dec 2023 07:34 AM IST
सार
एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल ने बताया कि एटीएस ने मानव तस्करी सिंडिकेट के सदस्यों के खिलाफ बीते अक्टूबर माह में मुकदमा दर्ज करते हुए पांच सदस्यों बांग्लादेश निवासी अदिलुर रहमान असरफी, तानिया मंडल, इब्राहिम खान, पश्चिम बंगाल निवासी अबु हुरैरा गाजी और शेख नजीबुल हक को गिरफ्तार किया था।
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यूपी एटीएस
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को अवैध रूप से सीमा पार कराकर भारत में लाकर उनकी नागरिकता के फर्जी दस्तावेज बनवाने और मानव तस्करी करने वाले सिंडिकेट के एक और सदस्य मोहम्मद अब्दुल अव्वल को यूपी एटीएस ने सोमवार को नई दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। आसाम निवासी अब्दुल अव्वल लखनऊ के नदवा मदरसा से वर्ष 2017 में 12वीं की शिक्षा ग्रहण करने के बाद दिल्ली में फिनो बैंक के एजेंट का काम कर रहा था। एटीएस इस सिंडिकेट के पांच सदस्यों को पहले ही दबोच चुकी है।
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एडीजी एटीएस मोहित अग्रवाल ने बताया कि एटीएस ने मानव तस्करी सिंडिकेट के सदस्यों के खिलाफ बीते अक्टूबर माह में मुकदमा दर्ज करते हुए पांच सदस्यों बांग्लादेश निवासी अदिलुर रहमान असरफी, तानिया मंडल, इब्राहिम खान, पश्चिम बंगाल निवासी अबु हुरैरा गाजी और शेख नजीबुल हक को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर सिंडिकेट के एक और सदस्य मोहम्मद अब्दुल अव्वल को भी गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में उसने बताया कि वह दिल्ली के श्रम विहार में रहता है। किराये की दुकान में फिनो पेमेंट बैंक की मर्चेंट आईडी लेकर बैंक खाते खोलने व मनी ट्रांसफर का काम करता है।कोरोना काल में उसकी मुलाकात डॉ. अब्दुल गफ्फार से दिल्ली में हुई थी। डॉ. गफ्फार व उसके सहयोगियों ने बताया कि अगर फिनो बैंक में रोहिंग्या, बांग्लादेशी, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले मुस्लिमों के नाम पर खाते खोल ले, तो उसमें डॉ. गफ्फार अपने एनजीओ के एफसीआरए खाते में आने वाले विदेशी धन को ट्रांसफर कर देगा। ट्रांसफर की गयी धनराशि को नकद निकाल कर उसका इस्तेमाल अपने फायदे और अवैध घुसपैठियों की सहायता के लिए हो सकता है।
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यूरोपीय देशों से आए 20 करोड़ रुपये
पैसों के लालच में अब्दुल अव्वल ने विभिन्न नामों से फिनो बैंक में ऑनलाइन खाते खोले। उनमें डॉ. गफ्फार के एफसीआरए खाते से छोटी-छोटी धनराशि को सैकड़ों बार ट्रांसफर किया गया। अब्दुल अव्वल इस धनराशि को नकद निकाल कर डॉ. गफ्फार के साथ आधा-आधा बांट लेता था। डॉ. गफ्फार अपने स्तर से भी कुछ अन्य खातों में भी इस प्रकार से पैसा ट्रांसफर कर लाभ कमा रहा था। इस धनराशि को सहारनपुर में भी पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों को विभिन्न माध्यमों से भेजा गया था, जिसका देश-विरोधी गतिविधियों में किया गया था। उसने बताया कि डॉ. गफ्फार के एनजीओ सन शाइन हेल्थ एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के खाते में यूरोपीय देशों से लगभग 20 करोड़ रुपये आ चुके हैं। एनजीओ की आड़ में सिंडिकेट द्वारा विदेशों से पैसा मंगाकर देश-विरोधी गतिविधियों में उपयोग किया जा रहा है, जो एफसीआरए अधिनियम एवं नियम का उल्लंघन का मामला भी है। एटीएस अब्दुल अव्वल को लखनऊ लाकर अदालत में पेश करेगी, जिसके बाद उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
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