{"_id":"67e20bdb1f4dfbc100003829","slug":"up-all-investment-proposals-made-during-abhishek-prakash-s-tenure-will-be-investigated-focus-on-cancelled-fi-2025-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: अभिषेक प्रकाश के कार्यकाल में हुए निवेश के सभी प्रस्तावों की होगी जांच, निरस्त फाइलों पर फोकस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: अभिषेक प्रकाश के कार्यकाल में हुए निवेश के सभी प्रस्तावों की होगी जांच, निरस्त फाइलों पर फोकस
Tue, 25 Mar 2025 07:20 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 25 Mar 2025 07:20 AM IST
सार
Abhishek Prakash: अभिषेक प्रकाश ने वर्ष 2022 में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ का चार्ज लिया था। वह लगभग तीन वर्ष इस पद पर रहे। उनके कार्यकाल के दौरान सभी निवेश के प्रस्तावों पर जांच होगी।
विज्ञापन
निलंबित सीईओ अभिषेक प्रकाश
- फोटो : amar ujala
विस्तार
इन्वेस्ट यूपी के निलंबित सीईओ अभिषेक प्रकाश की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। अब उनके कार्यकाल में ऐसे सभी निवेश प्रस्तावों की जांच होगी, जिन्हें निरस्त किया गया था। साथ ही मानकों पर पूरे उतरने वाले ऐसे निवेश प्रस्तावों की जांच भी होगी, जिन्हें विलंब से स्वीकृतियां दी गईं।
विज्ञापन
अभिषेक प्रकाश ने वर्ष 2022 में इन्वेस्ट यूपी के सीईओ का चार्ज लिया था। वह लगभग तीन वर्ष इस पद पर रहे। इसी अवधि में सबसे सबसे ज्यादा निवेश प्रस्ताव आए और सबसे ज्यादा उद्योग भी धरातल पर उतरे। सोलर कंपनी द्वारा रिश्वत की शिकायत के बाद अब अभिषेक के कार्यकाल में किए गए निवेश जांच के दायरे में आ गए हैं। खास तौर पर पिछले एक वर्ष में धरातल पर होने वाले निवेश पहले जांच की जद में आएंगे। इस संबंध में औद्योगिक विकास विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
हाल में फर्रुखाबाद में 570 करोड़ का निवेश भी इसकी जद में है। इस संयंत्र में एथेनॉल, स्टार्च, ग्लूटेन और डिस्टिलरी उत्पादों के साथ-साथ पेय पदार्थ, कार्बोनेटेड वॉटर एवं मवेशी चारे का उत्पादन होगा। इसी तरह उन्नाव में बहुराष्ट्रीय कंपनी द्वारा विशाल कैन निर्माण संयंत्र की फाइल भी दायरे में है। 1300 करोड़ के निवेश के साथ यूपी में कंपनी ने पहली बार दस्तक दी है। इन मामलों में भी देखा जाएगा कि निवेशकों का किसी तरह से उत्पीड़न तो नहीं किया गया है।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त यह भी देखा जाएगा कि पूर्व में किन किन निवेश प्रस्तावों को निरस्त किया गया और किस आधार पर यह निर्णय हुआ। जांचा जाएगा कि कहीं गलत तरीके से किसी कंपनी का प्रस्ताव कैंसल तो नहीं किया गया। साथ ही जो प्रस्ताव मंजूर हुए उसमें किसी निवेशक को अनुचित लाभ तो नहीं दिया गया। इसके लिए इन्वेस्ट यूपी की मूल्यांकन समिति की बैठकों और उनमें लिए निर्णयों से संबंधित दस्तावेज भी तलब किए गए हैं।