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UP: प्रदेश में सभी सहायक शिक्षकों की नियुक्तियों की होगी जांच, फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने के आदेश
Tue, 03 Feb 2026 06:31 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 03 Feb 2026 06:31 AM IST
सार
Teacher recruitment in UP: पूरे प्रदेश भर के बेसिक शिक्षकों की नियुक्ति की जांच की जाएगी। ऐसा कोर्ट के आदेश के बाद होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त रूख अपनाया है।
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पूरे प्रदेश के शिक्षकों की होगी जांच। डेमो इमेज।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी मामले में नाराजगी जताई है। साथ ही पूरे प्रदेश में सहायक अध्यापकों की नियुक्तियों की छह माह में जांच करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि धोखाधड़ी से प्राप्त नियुक्तियां न केवल अवैध हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है। यह तल्ख टिप्पणी न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने गरिमा सिंह की याचिका पर की।
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देवरिया के एक उच्चतर प्राथमिक विद्यालय में गलत दस्तावेज से नौकरी कर रही गरिमा सिंह की नियुक्ति निरस्त करने के मामले में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि गलत प्रमाण पत्रों के आधार पर कई शिक्षक वर्षों तक सेवा में बने रहते हैं, जो अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। ऐसी अवैध नियुक्तियां शिक्षा व्यवस्था की जड़ों को कमजोर करती हैं और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करती हैं।
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अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश
हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव (बेसिक शिक्षा) को निर्देश दिया कि पूरे प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्तियों की गहन जांच कराई जाए। फर्जी पाए जाने वाले शिक्षकों की नियुक्ति तत्काल रद्द की जाए और उनसे वेतन भी वसूला जाए। ऐसे मामलों में लापरवाही या मिलीभगत बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
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