यूपी: अखिलेश की बेटी पर अभद्र भाषा के प्रयोग पर आलोचना, सीएम ने कहा-FIR हो; महिला आयोग ने डीजीपी को लिखा पत्र
Abusive language against Akhilesh daughter: अखिलेश यादव की बेटी पर हो रही अभद्र टिप्पणी की अब शासन के स्तर पर तीखी आलोचना हुई है। सीएम ने खुद इसका संज्ञान लिया है।
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी पर अभद्र टिप्पणी का मामला सामने आया है। राज्य महिला आयोग ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्या ने दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा। आयोग के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरें अत्यंत भ्रामक और आपत्तिजनक हैं। किसी भी बालिका या महिला की अस्मिता को ठेस पहुंचाना सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। आयोग ने भ्रामक खबरों पर तत्काल रोक लगाने को कहा है। महिलाओं और बेटियों की गरिमा व सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव नहीं होना चाहिए।
सीएम योगी ने की आलोचना
मैं पिछले दिनों देख रहा था। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थीं। जैसे मेरे संज्ञान में आया। पुलिस से मैंने कहा इसमें एफआईआर दर्ज कराओ, बेटी के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। बेटी, बेटी होती है और हम तो संस्कार में हैं। उक्त बातें सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कही।
चेले- चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दे दो'
उन्होंने कहा कि कहा जाता है कि गांव की बेटी सबकी बेटी, गांव की बहन सबकी बहन है। हमने तो कोई भेदभाव नहीं किया, लेकिन अखिलेश जी दूसरों को उपदेश देते हो, अपने चेले- चपाटों को भी थोड़ा उपदेश दे दो कि अपनी भाषा को संयम कर लें। दूसरों के प्रति टिप्पणी करने के पहले स्वयं भी सोचा करो कि आपके लोग इस प्रकार की भाषा का प्रयोग बहन और बेटियों के प्रति बुजुर्गों के प्रति, दिवंगत लोगों के प्रति और वरीष्ठ नेताओं के प्रति करते हैं। इसके बारे में उनको भी संस्कारित करने की आवश्यकता है। अच्छा होगा उनको समझाओ और नहीं समझ सकते तो हमारे हवाले कर दो। हम उनको अच्छी तरह समझा देंगे।