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UP: अखिलेश ने दी सीएम को अयोध्या से लड़ने की चुनौती, दोनों डिप्टी सीएम का पलटवार, कहा- उनकी रामभक्ति पर संदेह

Thu, 08 Oct 2026 09:20 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Thu, 08 Oct 2026 09:20 PM IST
सार

Akhilesh Yadav: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अयोध्या पहुंचकर सीएम योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली। इस पर दोनों डिप्टी सीएम ने पलटवार किया है। 

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UP: Akhilesh challenges CM to contest from Ayodhya, two deputy CMs counter, saying they doubt his devotion to
अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हालिया अयोध्या दौरे को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी और गरमा गई है। दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोलते हुए चुनौती दी कि मुख्यमंत्री अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं।
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अखिलेश यादव के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उनकी नीयत पर सवाल खड़े किए हैं। मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव की राम भक्ति संदेह के घेरे में है।
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वहीं, दूसरी ओर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने निशाना साधते हुए कहा कि वोट बैंक के समीकरणों के कारण अखिलेश यादव मंदिर नहीं गए। उन्होंने तंज कसा कि "अल्पसंख्यकों के छिटकने के डर से अखिलेश मंदिर नहीं गए।
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मुख्यमंत्री खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं : अखिलेश

UP: Akhilesh challenges CM to contest from Ayodhya, two deputy CMs counter, saying they doubt his devotion to
अखिलेश यादव। - फोटो : अमर उजाला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचे। पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय के कृष्णापुर स्थित आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने के बाद उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में सपा प्रत्याशी की घोषणा के बाद भाजपा लगातार सर्वे करा रही है, लेकिन हर सर्वे में पार्टी पिछड़ती नजर आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा है कि भाजपा को अयोध्या में नया प्रत्याशी तक नहीं मिल पा रहा है।

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती देते हुए कहा कि अयोध्या के विकास को लेकर यदि मुख्यमंत्री इतने ही आश्वस्त हैं, तो उन्हें स्वयं अयोध्या से चुनाव लड़कर अपनी लोकप्रियता साबित करनी चाहिए। चुनाव में जनता सबका हिसाब करेगी और दावे तथा हकीकत के बीच का अंतर भी सामने आ जाएगा।

अयोध्या के विकास का लाभ स्थानीय लोगों को मिले : सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार अयोध्या के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन विकास का वास्तविक लाभ यहां के लोगों को मिलना चाहिए। सपा की सरकार बनने पर अयोध्या के विकास को नई गति दी जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विकास परियोजनाओं का अधिकतम लाभ स्थानीय निवासियों को मिले। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने और विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। अयोध्या को केवल पर्यटन केंद्र नहीं, बल्कि विश्व की प्रमुख तीर्थनगरी के रूप में विकसित करना उनकी प्राथमिकता होगी।

अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को हर वर्ष 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। अयोध्या में किसी गरीब का घर या दुकान उजाड़ने की कार्रवाई नहीं होगी। युवाओं को रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी उनकी सरकार काम करेगी।

अल्पसंख्यकों के छिटकने के डर से मंदिर नहीं गए अखिलेश : ब्रजेश पाठक

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उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक। - फोटो : amar ujala

 डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे के दौरान राम मंदिर नहीं जाने पर तंज कसते हुए कहा कि उनका सनातन संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है। सपा केवल तुष्टीकरण और वोट की राजनीति करती है, तभी राम मंदिर जाने से बचती है। सपा नेताओं के हाथ कारसेवकों के खून से रंगे हैं। ऐसे में वे राम मंदिर कैसे जा सकते हैं। राम मंदिर जाकर अखिलेश अल्पसंख्यकों को नाराज नहीं करना चाहते हैं।

वहीं एसआईटी को लेकर विपक्ष के हंगामे पर भी डिप्टी सीएम ने निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष जब चुनाव जीतता है तो निर्वाचन आयोग अच्छा होता है। जब हारता है तो अपनी खीज आयोग पर निकालता है। केरल, तमिलनाडु और हिमाचल में विपक्ष चुनाव जीता, लेकिन जीत के बाद उसने आयोग पर कोई सवाल नहीं उठाया। सपा को पता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में विपक्ष की लुटिया डूबने वाली है। विपक्ष इससे परेशान है, तभी चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

अखिलेश यादव की राम भक्ति संदेह के घेरे में: केशव प्रसाद

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केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश। - फोटो : अमर उजाला।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचे, लेकिन रामलला का दर्शन नहीं किया। इसपर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि अयोध्या पहुंचने के बावजूद रामलला के दर्शन नहीं करना अखिलेश की राम भक्ति पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा, “प्रदेश की जनता, प्रदेश के राम भक्त सब देख रहे हैं कि जो अयोध्या जाकर राम लला के मंदिर में नहीं जा रहे हैं, इसका मतलब उनकी राम भक्ति संदेह के घेरे में है।

अखिलेश यादव के राम और कृष्ण एक ही हैं, वाले बयान पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “तो अखिलेश यादव कृष्ण जन्मभूमि चले जाएं, श्री राम जन्मभूमि चले जाएं, काशी विश्वनाथ जी चले जाएं, लेकिन उनको वोट बैंक खिसकने का डर लगेगा।” सपा कोटे से राज्यसभा प्रत्याशी बने धनराज नथवानी द्वारा पीएम मोदी की सेवा के 25 साल पूरे होने पर तारीफ करने पर भी केशव ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि सपा कैंडिडेट तो भाजपा की तरफ हैं। उनके द्वारा पीएम की तारीफ से साफ है कि सपा के जीतने वाले कैंडिडेट्स में भी फूट है। 100 में 80 पहले से हमारा है, लगता है 20 में भी बंटवारा है।

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