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यूपी: शंकराचार्य के मुद्दे पर अखिलेश और योगी में टकराव, सीएम ने कहा था- हर कोई खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता

Sat, 14 Feb 2026 07:21 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sat, 14 Feb 2026 07:21 AM IST
सार

Shankaracharya controversy: शंकराचार्य के मुद्दे पर अखिलेश और योगी आमने-सामने आए हैं। सीएम ने आज सदन में शंकराचार्य मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी है। 

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UP: Akhilesh and Yogi clash over Shankaracharya issue, CM says not everyone can write themselves as Shankarach
शंकराचार्य का मुद्दे पर विवाद। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

शंकराचार्य के मुद्दे पर एक बार फिर से टकराहट हुई है। सीएम योगी ने सदन में कहा था कि कोई भी शंकराचार्य कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा था कि हर कोई खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता। इस मामले में अखिलेश यादव ने पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया में लिखा कि सीएम अपने नाम के सामने योगी लिखते हैं उन्हें यह लिखने का अधिकार किसने दिया है।

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क्या कहा थी सीएम ने 

UP: Akhilesh and Yogi clash over Shankaracharya issue, CM says not everyone can write themselves as Shankarach
शंकराचार्य विवाद पर सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।

सीएम ने सदन में शंकराचार्य विवाद पर पहली बार अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कोई मुख्यमंत्री, मंत्री, सपा अध्यक्ष बनकर क्या प्रदेश में घूम सकता है? शंकराचार्य का पद सर्वोच्च और सम्मानित है। लेकिन हर काम नियम से होता है। सदन भी नियमों और परंपराओं से चलता है। कानून सबके लिए बराबर होता है। हम सभी संवैधानिक व्यवस्था से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री का पद भी कानून से ऊपर नहीं है। विद्वत परिषद द्वारा अधिकृत व्यक्ति ही शंकराचार्य बन सकता है। हर कोई खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता। 

माघ मेला में उस दिन 4.50 करोड़ श्रद्धालु आए थे। कोई कहीं भी जाकर माहौल खराब नहीं कर सकता है। वह माघ मेला के निकास द्वार से जाने का प्रयास कर रहे थे। यह श्रद्धालुओं के जीवन को खतरे में डाल सकता था। वहां भगदड़ मच सकती थी। कोई जिम्मेदार व्यक्ति ऐसा आचरण कैसे कर सकता है। हम मर्यादित लोग हैं। कानून का पालन करना और करवाना जानते हैं।सपा सदस्याें से पूछा कि यदि वह शंकराचार्य थे तो आपने वाराणसी में उन पर लाठीचार्ज करने के साथ एफआईआर क्यों दर्ज कराई थी। सपा पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईआर और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के प्रकरण में भी आपने ऐसा ही किया। लोगों को गुमराह करने के बजाय देश के बारे में सोचना शुरू कीजिए। 

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योगी होने का किसने दिया प्रमाणपत्र : अखिलेश

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्नाव में पत्रकारों से कहा कि सीएम को योगी होने का प्रमाणपत्र किसने दिया। वस्त्र पहनने और कान छिदवाने से आप योगी नहीं हो जाते हैं। अगर किसी के अंदर इच्छा है तो योगी नहीं हो सकते।

भाजपा सरकार ने कानपुर को बदनामपुर बना दिया
 शहर आए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानपुर की खराब सड़कों समेत अन्य मामलों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने कानपुर को बदनामपुर बना दिया है।

पूर्व सीएम सपा महानगर अध्यक्ष फजल महमूद, सपा विधायक अमिताभ बाजपेई और मेहरबान सिंह का पुरवा में आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शुक्रवार को शहर आए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि शहर का नाम आज कई घटनाओं को लेकर सुर्खियों में है। कार पलटना, पुलिस-वकील कुख्यात गुटबाजी और एनकाउंटर की स्क्रिप्ट लिखवाने के लिए, गरीब ब्राह्मण की झोपड़ी जलवाने में, सीएमओ द्वारा डीएम पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट लिखवाने में गंगा नदी में भाजपा सरकार की ओर से गंदा नाला गिराने की चर्चाओं में कानपुर का नाम लिया जाने लगा है।

करीब पांच पन्नों की स्कि्रप्ट लेकर पहुंचे अखिलेश ने कहा कि इस कानपुर की बात अखबारों में छपी खबरों के बगैर नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी ने ऐसा काम किया है कि इसका नाम बदलकर जामपुर कर देना चाहिए। सब कुछ दिख रहा है लेकिन प्रशासन को मोतियाबिंद हो गया है। पनकी पावर प्लांट और घाटमपुर के लिग्नाइट नेयवेली प्लांट को लेकर कहा कि यदि वह ठीक से चलता तो बिजली की समस्या काफी हद तक हल हो जाती। यही वजह है कि कानपुर में कोई निवेश नहीं करना चाहता है।

पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार सही नियम और सही फैसले लेकर सहूलियत दे तो कानपुर के औद्याेगिक विकास के साथ शहर का बेहतर तरीके से विकास हो सकता है। आरोप लगाया कि ट्रांस गंगा सिटी को भाजपा ने बर्बाद कर दिया। सपा सरकार आने पर लखनऊ के गाेमती रिवरफ्रंट से बेहतर कानपुर में गंगा रिवरफ्रंट बनाया जाएगा। लाल इमली को फिर से गुलजार किया जाएगा। ट्राई एंगल ट्रेड के नाम से इस क्षेत्र का विकास कराएंगे।

सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सुना है कि बगल से कोई माफिया भाग गया है। कहा कि रहने था बांदा का लेकिन भगाया गया कानपुर से। इसी तरह लैंबोर्गिनी कार दुर्घटना मामले में भी उन्होंने पुलिस पर तंज कसा। बोले, हथेली गरम तो पुलिस नरम। इसी तरह डिफेंस काॅरिडोर को लेकर कहा कि वहां पर सुतली बम भी बन रहा हो तो बताइए। उन्होंने ग्रीनपार्क की स्थिति पर भी बात रखी। उन्होंने प्रदेश सरकार के बजट को किसानों को कमजोर करने वाला बताया।

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