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UP : 1000 करोड़ के टर्नओवर वाली फूड कंपनी के ठिकानों पर छापा, टैक्स चोरी की शिकायत; जानिए मीट कारोबारी को
Mon, 13 Oct 2025 08:47 PM IST
आकाश द्विवेदी
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ ब्यूरो
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Mon, 13 Oct 2025 08:47 PM IST
सार
संभल में मीट का कारोबार करने वाली इंडियन फ्रोजन फूड कंपनी के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीम ने अचानक से छापा मारा।
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मीट की दुकान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
संभल में मीट का कारोबार करने वाली इंडियन फ्रोजन फूड कंपनी के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीम ने अचानक से छापा मारा। इस दौरान कंपनी के कर्मियों में अफरातफरी मच गई। सोमवार को कंपनी के बरेली, मुरादाबाद, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर के 30 से ज्यादा ठिकानों को खंगाला गया। आयकर विभाग, लखनऊ की जांच इकाई ने यह कार्रवाई की है। छापे की कार्रवाई अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है।
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बता दें कि इंडियन फ्रोजन फूड कंपनी का कारोबार करीब 1000 करोड़ रुपये से अधिक का बताया जाता है। कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी अंजाम दिए जाने की शिकायतों के बाद जांच इकाई बीते कई दिनों से सुराग जुटा रही थी। इस बाबत पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद छापे मारकर दस्तावेजी सुबूत जुटाने की कवायद की गई है। आयकर विभाग के 100 से अधिकारी अधिकारी एवं कर्मचारी पीएसी बल के साथ कंपनी के ठिकानों को खंगाल रहे हैं और संचालकों एवं निदेशकों से पूछताछ कर रहे हैं।
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बरेली में रहबर फूड के ठिकानों को खंगाला
सूत्रों के मुताबिक इंडियन फ्रोजन फूड कंपनी बरेली की रहबर फूड के साथ अनुबंध कर मीट की आपूर्ति का कारोबार कर रही है। आयकर विभाग ने इसी वजह से रहबर फूड के ठिकानों को भी खंगाला है। अधिकारियों के मुताबिक रहबर फूड और मारिया फ्रोजन की पार्टनरशिप भी है। आयकर अधिकारी इस अनुबंध की गहनता से पड़ताल कर पता लगा रहे हैं कि इसके जरिए किस तरह कारोबार हो रहा था और मुनाफे की रकम को कैसे बांटा जा रहा था।
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पशुओं के कटान का भी मामले आया सामने
सूत्रों की मानें तो छापों में अनुमति से अधिक पशुओं का कटान करने के सुराग भी मिले हैं और इससे संबंधित दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया गया है। दरअसल, बीते कुछ वर्षों में मीट कारोबारी कंपनियों के ठिकानों पर छापे के दौरान अनुमति से अधिक पशुओं को काटे जाने के पुख्ता प्रमाण मिले थे, जिसमें स्थानीय प्रशासन और उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आई थी। खासकर बरेली की एक कंपनी में तो बड़े पैमाने पर बिना अनुमति पशुओं को खरीदा जा रहा था और उनका कटान कर मीट बेचा जा रहा था। इसी वजह से आयकर विभाग इस पहलू को भी गहनता से खंगाल रहा है।