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यूपी : 60 लाख विद्युत उपभोक्ताओं को मिलेगा जमा सिक्यूरिटी पर ब्याज

Thu, 17 Jun 2021 09:53 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 17 Jun 2021 09:53 PM IST
सार

प्रदेश के 60 लाख विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा जमा उस सिक्यूरिटी राशि पर ब्याज देने का रास्ता साफ हो गया है, जिसे बिलिंग सिस्टम में शून्य दिखाया जा रहा था।

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UP: 60 lakh electricity consumers will get interest on security deposits
बिजली का बिल

विस्तार

प्रदेश के 60 लाख विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा जमा उस सिक्यूरिटी राशि पर ब्याज देने का रास्ता साफ हो गया है, जिसे बिलिंग सिस्टम में शून्य दिखाया जा रहा था। उप्र विद्युत उपभोक्ता परिषद की आपत्ति के बाद बिजली कंपनियों ने इस संबंध में उप्र विद्युत नियामक आयोग में अपना जवाब दाखिल कर दिया है। जिसमें कपंनियों ने यह माना है कि आॉफलाइन बिलिंग सिस्टम को ऑनलाइन करने के दौरान हुई तकनीकी चूक की वजह से सिक्यूरिटी जमा होने के बाद भी शून्य रह गया है। कंपनियों की जवाब के बाद उप्र पावर कारपोरेशन के निदेशक वाणिज्य एके श्रीवास्तव ने कहा है कि यह मामला निदेशक कारपोरेशन के निदेशक मंडल को भेजा जा रहा है, जल्द जमा सिक्यूरिटी पर मिलने वाले ब्याज का लाभ उपभोक्ताओं को देने पर फैसला ले लिया जाएगा। 

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बता दें कि छह साल पहले प्रदेश के करीब 60 लाख विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा जो सिक्यूरिटी राशि जमा की गई थी, वह बिलिंग सिस्टम में शून्य दिखा रहा था। इस वजह से उपभोक्ताओं को सिक्यूरिटी राशि पर नियमानुसार मिलने वाला ब्याज नहीं मिल रहा था। इसका खुलासा करते हुए उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में प्रत्यावेदन दिया था। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के चेयरमैन से सिक्यूरिटी पर ब्याज न दिए जाने को विद्युत अधिनियम-2003 व विद्युत वितरण संहिता-2005 के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए बिजली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की थी।
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इस आधार पर नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों से जवाब मांगा था। इसी कड़ी में बिजली कंपनियों ने नियामक आयोग में जवाब दाखिल करते हुए इसे अपनी चूक मान ली है। बिजली कंपनियों ने अपने जवाब में कहा है कि बिलिंग सिस्टम को ऑफलाइन से ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट करने के दौरान साफ्टवेयर में तकनीकी गड़बड़ी होने की वजह से यह चूक हुई है। कंपनियों ने आयोग के यह आश्वासन भी दिया है कि जल्द ही बिलिंग साफ्टवेयर को अपडेट करके उपभोक्ताओं को उनकी सिक्यूरिटी पर ब्याज देने की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
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विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने कहा बिजली कंपनियों को ब्याज के रूप में अब करीब 100 से 150 करोड़ रुपये का समायोजन उनके बिजली बिलों में किया जाएगा। उन्होंने इसे संगठन की बड़ी जीत बताई है।

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