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यूपी : शिक्षक के उत्पीड़न मामले में सरकार पर 50 हजार रुपये हर्जाना, उचित आदेश न पारित करने से कोर्ट नाराज
Fri, 06 Aug 2021 01:12 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 06 Aug 2021 01:12 AM IST
सार
सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति का दावा मामले में बार-बार निर्देश के बावजूद उचित आदेश न पारित करने पर नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने पाया कि वर्ष 2000 से वर्तमान याचिका तक याची एक ही मुद्दे पर पांच-पांच याचिकाएं दाखिल कर चुका है।
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लखनऊ हाईकोर्ट
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने आरआर इंटर कॉलेज संडीला जिला हरदोई में सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति का दावा मामले में बार-बार निर्देश के बावजूद उचित आदेश न पारित करने पर नाराजगी जाहिर की है। इसे उक्त शिक्षक का उत्पीड़न करार देते हुए राज्य सरकार पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन ने यह फैसला व आदेश प्रमोद कुमार की सेवा संबंधी याचिका पर दिया।
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कोर्ट ने पाया कि वर्ष 2000 से वर्तमान याचिका तक याची एक ही मुद्दे पर पांच-पांच याचिकाएं दाखिल कर चुका है। यानी नहीं, कोर्ट ने भी चार बार विभाग को अपनी टिप्पणियों के आलोक में यथोचित निर्णय लेने का आदेश दिया, लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग हर बार एक जैसा ही आदेश जारी कर याची के प्रत्यावेदन को निरस्त कर दिया।
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याचिका में अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा के 26 अप्रैल 2019 के आदेश को चुनौती दी गई थी। इसमें एक बार फिर याची के नियुक्ति के दावे को खारिज किया गया था। कोर्ट ने उक्त आदेश को निरस्त करते हुए स्क्रूटनी कमेटी के प्रस्ताव के मुताबिक निर्णय लेने को कहा है। कोर्ट ने याची को 50 हजार रुपये का हर्जाना देने के आदेश के साथ यह भी कहा कि सरकार चाहे तो हर्जाने की यह रकम 26 अप्रैल 2019 का आदेश पारित करने वाले अधिकारी से वसूल सकती है। अदालत ने इस फैसले व आदेश के साथ याचिका मंजूर कर ली है।
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