UP: 16 सरदार पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र बनेंगे, युवाओं को मिलेगा कौशल, रोजगार और उद्योग का एक मंच
प्रदेश में युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए नए औद्योगिक एवं रोजगार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें प्रशिक्षण, रोजगार सहायता, आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं और उद्यमिता समर्थन एक ही स्थान पर मिलेगा। परियोजना का उद्देश्य निवेश बढ़ाना, रोजगार सृजित करना और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाना है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर उत्तर प्रदेश में युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र (एसवीपीईआईजेड) परियोजना शुरू की जा रही है। प्रथम चरण में प्रदेश में 16 एसवीपीईआईजेड केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिन्हें 9 हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उद्योगों को विश्वस्तरीय कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करना है।
प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि पहले चरण में एमएसएमई और यूपीसीडा पांच-पांच, यूपीईडा और यीडा दो-दो, जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण एक-एक केंद्र विकसित करेंगे। इन केंद्रों को ‘वन स्टॉप इंडस्ट्रियल, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट इकोसिस्टम’ के रूप में तैयार किया जाएगा।
निवेश और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा
एसवीपीईआईजेड में कौशल विकास केंद्र, प्लग एंड प्ले औद्योगिक शेड, रोजगार सहायता केंद्र, उद्यमिता सहायता केंद्र, साझा सुविधा केंद्र, डिजिटल साक्षरता, विदेशी भाषा प्रशिक्षण और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उद्यमियों को तैयार औद्योगिक परिसर मिलने से कम समय में उत्पादन शुरू किया जा सकेगा, जिससे निवेश और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश को गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ-अयोध्या, कानपुर-प्रयागराज, वाराणसी-आजमगढ़, गोरखपुर-बस्ती समेत नौ औद्योगिक जोन में विकसित किया जाएगा। जहां भूमि कम होगी, वहां बहुमंजिला औद्योगिक परिसर और फ्लैटेड फैक्ट्री मॉडल अपनाया जाएगा।
परियोजना के संचालन के लिए प्रत्येक हब में विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) का गठन होगा और प्रमुख निवेशक को उसका अध्यक्ष बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य एसवीपीईआईजेड को केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि निवेश, कौशल विकास, रोजगार और नवाचार का समेकित केंद्र बनाना है, जिससे उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी विनिर्माण और रोजगार सृजन केंद्र बन सके।