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यूपी : सरयू में 16, घाघरा में 14 तथा राप्ती व सहायक नदियों में गिर रहे 15 नाले होंगे बंद
Fri, 10 Sep 2021 11:38 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 10 Sep 2021 11:38 AM IST
सार
शासन के एक अधिकारी ने बताया कि रामगढ़ ताल के अलावा राप्ती, घाघरा व सरयू के फ्लड प्लेन जोन को भी वेटलैंड घोषित करने संबंधी अधिसूचना जारी की जा चुकी है। अब फ्लड प्लेन जोन व ताल से अतिक्रमण हटाकर बायोडावर्सिटी पार्क की स्थापना व पौधरोपण का काम होगा।
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घाघरा नदी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
प्रदेश की सरयू, घाघरा, आमी व राप्ती नदियों को 45 नाले प्रदूषित कर रहे हैं। इनमें प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए गिरने वाले सभी नाले बंद कराए जाएंगे। इसके लिए सीवेज नेटवर्क व सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की स्थापना की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके लिए बजट व्यवस्था संबंधी कार्यवाही के लिए नगर विकास व वित्त विभाग को उच्च स्तर से निर्देश दे दिए गए हैं।
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शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनजीटी द्वारा गोरखपुर से संबंधित एक प्रकरण में नदियों में प्रदूषण पर रोकथाम को लेकर कई निर्देश दिए गए थे। मुख्य सचिव आरके तिवारीने इस संबंध में हाल में एक महत्वपूर्ण बैठक की है। इसी में सरयू, घाघरा, आमी व राप्ती नदियों में गिरने वाले समस्त नालों को टैप करने व अंतरिम व्यवस्था के अंतर्गत बायोरेमिडेशन/फाइटो रेमेडेशन के द्वारा नालों से गिरने वाले घरेलू मल-जल के शुद्धीकरण संबंधी रणनीति तैयार की गई। बताया गया कि सरयू नदी में 22 नालों व घाघरा नदी में 14 नालों से सीवेज जाता है।
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सरयू में पांच नाले टैप हैं तथा एसटीपी द्वारा सीवेज का शुद्धीकरण हो रहा है। बाकी 16 नालों के सीवेज के शुद्धिकरण के लिए छह एमएलडी व 33 एमएलडी क्षमता के दो एसटीपी स्वीकृत हो गए हैं। फैजाबाद कैंट एरिया के एक नाले तथा निर्मली कुंड की टैपिंग के लिए योजना तैयार की जा रही है। इसी तरह घाघरा नदी के 14 नालों के सीेवेज के शुद्धिकरण के लिए तीन एसटीपी प्रस्तावित है। शासन ने इन दोनों ही नदियों में गिरने वाले नालों के सीवेज के शोधन के लिए आवश्यक डीपीआर बनाने व एसटीपी स्थापना के लिए वित्त विभाग से धनराशि की व्यवस्था कराने के निर्देश दे दिए हैं।
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इसी तरह गोरखपुर स्थित राप्ती नदी व उसकी सहायक नदियों में मुख्यत: 15 नाले गिरते हैं। इनके शुद्धिकरण के लिए डीपीआर तैयार किए गए हैं, जिसकी स्वीकृति की कार्यवाही चल रही है। अंतरिम व्यवस्था के अंतर्गत घरेलू मल-जल के शुद्धिकरण के लिए बायोरेमिडेशन/फाइटो रेमिडेशन द्वारा इन 15 नालों का शुद्धिकरण किया जा रहा है। इन नालों के डीपीआर के लिए भी आवश्यक धनराशि की व्यवस्था वित्त विभाग कराएगा। नगर विकास विभाग को तत्काल वित्त विभाग से संपर्क कर आवश्यक कार्यवाही कराने को कहा गया है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने प्रत्येक महीने इस संबंध में की जाने वाली कार्यवाही की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। मुख्यमंत्री स्वयं समय-समय पर इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
राप्ती, घाघरा व सरयू के फ्लड प्लेन जोन वेटलैंड, स्थापित होंगे बायोडावर्सिटी पार्क
शासन के एक अधिकारी ने बताया कि रामगढ़ ताल के अलावा राप्ती, घाघरा व सरयू के फ्लड प्लेन जोन को भी वेटलैंड घोषित करने संबंधी अधिसूचना जारी की जा चुकी है। अब फ्लड प्लेन जोन व ताल से अतिक्रमण हटाकर बायोडावर्सिटी पार्क की स्थापना व पौधरोपण का काम होगा। इसके लिए नदियों व ताल के सीमांकन का कार्य चल रहा है। शासन ने सीमांकित दायरे में स्थित अतिक्रमण 15 दिन में हटवाने का निर्देश दे दिया है। तीनों ही नदियों के फ्लड प्लेन जोन के ऐसे क्षेत्र जो अतिक्रमित नहीं हैं, उनकी ग्रामवार सूची मांगी गई है। यहां एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक बायोडायवर्सिटी पार्क व पौधरोपण के काम होंगे।