यूपी: बेमौसम बारिश ने गेहूं की बोआई में पैदा की रुकावट, धान की फसल को हो सकता है भारी नुकसान
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उत्तर प्रदेश में रविवार की रात हुई बेमौसम की बारिश ने गेहूं की बोआई में रुकावट पैदा कर दी है। जिन खेतों में पलेवा हो चुका है, वहां नमी बढ़ जाने के कारण बोआई के लिए तीन-चार दिन रुकना पड़ेगा। वहीं जिन फसलों की बोआई हो चुकी है, पर कल्ले नहीं फूटे हैं, उनके जमाव में भी देरी होगी। वहीं, पूर्वी यूपी में 40 फीसदी धान की कटाई नहीं हुई है। ऐसे में धान को भी भारी नुकसान की खबर है।
रविवार की रात और सोमवार की सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। इससे दिवाली के बाद होने वाले प्रदूषण में तो भारी कमी आई है, लेकिन बोआई प्रभावित हुई है। गेहूं की बोआई नवंबर में ही होती है और अधिकतर किसान इसके लिए अपने खेतों को तैयार कर चुके हैं। सिंचाई करके वे खेतों में पहले ही पलेवा कर चुके थे और अब बीज डालने जा रहे थे कि बारिश ने काम खराब कर दिया।
उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के एमडी रामशब्द जैसवारा बताते हैं कि जो किसान बारिश से पहले पलेवा कर चुके हैं, उन्हें बोआई के लिए इंतजार करना पड़ेगा। इस बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ जाएगी, जो बीजों के जमाव के लिए उपयुक्त नहीं है। यही स्थिति आलू के साथ भी रहेगी, क्योंकि इन दिनों आलू की बोआई भी चल रही है।
कृषि विशेषज्ञ बोले, नहीं सड़ेंगे खेतों में बोए गए बीज
चना, मटर और सरसों की बोआई हो चुकी है। जहां चना और मटर का जमाव नहीं हुआ होगा, वहां थोड़ी दिक्कत आएगी। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अभी इतनी बारिश नहीं हुई है कि खेतों में बोए गए बीज के सड़ने की स्थिति पैदा हो।
दो-तीन दिन लगातार बारिश जारी रहने पर ही ऐसी स्थिति आएगी, जिसकी संभावना फिलहाल नहीं है। कृषि विशेषज्ञों ने सामान्य से अधिक नमी वाले खेतों में बोआई के लिए दो-तीन दिन इंतजार करने का सुझाव किसानों को दिया है।