उन्नाव केस: पीड़िता के परिजनों से मिलीं प्रियंका गांधी, कहा- एक साल से परिवार को धमाकाया जा रहा था
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि कोई और मुख्यमंत्री होता हो खुद ही घटना की जिम्मेदारी लेता और इस्तीफा दे देता। मुख्यमंत्री योगी को पूरी घटना की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से पीड़िता का परिवार को परेशान किया जा रहा था। मैंने सुना है कि आरोपियों के भाजपा के साथ संबंध हैं, इसीलिए उन्हें अबतक सुरक्षा मिलती रही है। राज्य में अपराधियों के बीच कोई डर ही नहीं है।
Priyanka Gandhi Vadra on Unnao rape case: Victim's whole family has been constantly harassed since last year. I have heard that the culprits have some BJP connection. That is why they were being shielded. There is no fear among criminals in the state. pic.twitter.com/eDP5QOHXoX
— ANI UP (@ANINewsUP) December 7, 2019
वहीं पीड़िता की भाभी ने बताया कि प्रियंका गांधी ने उन्हें न्याय की लड़ाई में साथ देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी एक ही मांग है कि दोषियों को सजा-ए-मौत की जाए। इसके बाद ही पीड़िता की आत्मा को शांति मिलेगी। प्रियंका दो दिवसीय प्रवास पर लखनऊ आई हुईं थीं, प्रियंका गांधी ने आज के अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए और उन्नाव पहुंचीं।
Unnao rape victim's sister-in-law: Priyanka Gandhi Vadra said that she will fight for justice along with us. Our only demand is that the culprits should be given death penalty, only then her soul will rest in peace. pic.twitter.com/4iW6SQ6W0R
— ANI UP (@ANINewsUP) December 7, 2019
इससे पहले प्रियंका गांधी ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की मौत पर दुख जताया था। उन्होंने ट्वीट करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर हमला भी बोला। उन्होंने कई तीखे सवाल किए हैं।
प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा कि 'मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उन्नाव पीड़िता के परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत दे' उन्होंने आगे लिखा कि 'यह हम सबकी नाकामयाबी है कि हम उसे न्याय नहीं दे पाए। सामाजिक तौर पर हम सब दोषी हैं लेकिन ये उत्तर प्रदेश में खोखली हो चुकी कानून व्यवस्था को भी दिखाता है।'
उन्नाव की पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार को तत्काल पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? जिस अधिकारी ने उसका FIR दर्ज करने से मना किया उस पर क्या कार्रवाई हुई? उप्र में रोज रोज महिलाओं पर जो अत्याचार हो रहा है, उसको रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है ?
उन्नाव की पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार को तत्काल पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? जिस अधिकारी ने उसका FIR दर्ज करने से मना किया उस पर क्या कार्रवाई हुई? उप्र में रोज रोज महिलाओं पर जो अत्याचार हो रहा है, उसको रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है ?
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) December 7, 2019
बता दें कि पीड़िता को गुरुवार देर रात लखनऊ के सिविल अस्पताल से एयरलिफ्ट करके सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़िता ने इलाज के दौरान अपने भाई से आखिरी बार कहा था कि जिन्होंने मेरी ऐसी हालत की है, उन्हें छोड़ना मत। साथ ही उसने यह भी कहा था कि अभी वह मरना नहीं चाहती है।
गौरतलब है कि उन्नाव में गुरुवार को दुष्कर्म पीड़िता पर आरोपियों ने पेट्रोल डालकर उसे जलाकर मारने की कोशिश की। इसमें पीड़िता 90 फीसदी जल गई थी। चश्मीदीदों के मुताबिक पीड़िता आग लगने के बाद करीब एक किमी तक मदद की गुहार लगाते हुए दौड़ती रही थी। यहां तक की उसने खुद ही 112 पर फोन कर पुलिस को घटना की जानकारी दी थी, जिसके बाद वहां पुलिस की टीम और एंबुलेंस पहुंची थी।