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भारतीय सभ्यता का भाव विविधता में एकता : डॉ. कृष्ण गोपाल
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लखनऊ। लखनऊ विवि के राजनीतिशास्त्र विभाग में सोमवार को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद की ओर से राज्य, समाज और राष्ट्र के बीच अंर्तसंबंध: भारतीय परिपेक्ष्य विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत हुई। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सर कार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने इसका शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा, पश्चिमी दार्शनिक परंपराएं विशिष्टता को प्राथमिकता देती हैं। भारतीय सभ्यता का भाव विविधता में एकता के सिद्धांत को निर्धारित करता है। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. जितेंद्र कुमार ने वैचारिक ढांचे और इसके अकादमिक महत्व बताया। प्रति कुलपति प्रो. मनुका खन्ना, विभागध्यक्ष प्रो. संजय गुप्ता, प्रो. कमल कुमार, प्रो. रचना श्रीवास्तव, योगेश तिवारी, डॉ. रमेश त्रिपाठी मनोज जी, प्रो. सारिका दुबे, सुरेंद्र मणि त्रिपाठी, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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