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बताए यूसीसी के फायदे: रुक जाएगी मुसलमानों की चार शादियां करने की परंपरा, संपत्ति में होगा महिलाओं का हक
Mon, 10 Jul 2023 08:27 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 10 Jul 2023 08:27 PM IST
सार
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा यूनीफॉर्म सिविल कोड मुसलमानों के हित में ही साबित होगा। वोट बैंक की राजनीति करने वाले इसका विरोध कर रहे हैं।
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विस्तार
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पदाधिकारी समान नागरिक संहिता को समझे बिना ही उसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू करने का मकसद किसी धर्म की पूजा पद्धति या धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करना है।
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बासित अली ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि यूसीसी लागू होने से मुस्लिम समुदाय को फायदा होगा। समुदाय में तीन चार शादी करने की परंपरा रुक जाएगी। उन्होंने कहा कि यूसीसी का विरोध करने वालों को एक पिता या भाई की नजर से देखना चाहिए जिसका शौहर तीन चार शादी करता है उस पर क्या बीतती है। उन्होंने कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों में बढ़ोतरी होगी। उन्हें संपत्ति भी में हिस्सेदारी मिलेगी।
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मुस्लिमों को इसे लागू करने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूसीसी का विरोध करने वाले लोग केवल वोट बैंक के लिए धर्म की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी यूसीसी का मसौदा भी नहीं आया है और बोर्ड के लोगों ने इसकी खिलाफत शुरू कर दी है।
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उन्होंने कहा कि विधि आयोग ने यूसीसी को लेकर सुझाव मांगे हैं, बोर्ड के सदस्यों को इसका बेजवह विरोध करने की जगह अपने सुझाव देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड को चाहिए कि वह इसका विरोध करने की जगह यूसीसी को मजबूत बनाने में सहयोग करें। बोर्ड के लोगों को विपक्षी दलों के नेताओं से मिलने की जगह भाजपा के शीर्ष नेताओं से मिलकर बात करनी चाहिए।