गाना सुनने के चक्कर में चाचा-भतीजी को मिली दर्दनाक मौत
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कान में इयर फोन पर गाना सुनते हुए रेल ट्रैक पार करने की लापरवाही की कीमत चाचा और उसकी पांच वर्षीय भतीजी को अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी।
गुरुवार दोपहर लोनीकटरा में बीरमखेड़ा गांव के पास रेल ट्रैक पार करते समय इयर फोन पर गाना सुनने में मशगूल चाचा-भतीजी ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौत हो गई।
चाचा अपनी भतीजी को गोद में लेकर ट्रैक के पार स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय जा रहा था जहां उसकी मां रसोइया का काम करती है। एसओ का कहना है कि हादसा कान में ईयर फोन लगाने के कारण हुआ है।
भतीजी को मां से मिलवाने ले जा रहा था चाचा
बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे लोनीकटरा के पूरे बेनीसिंह गांव निवासी विमलेश (35) पुत्र शत्रोहन अपनी पांच साल की भतीजी बिट्टो पुत्री कमलेश को गोद में लेकर बीरमखेड़ा गांव के समीप रेलवे लाइन पार कर रहा था।
रेलवे लाइन के पार स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में उसकी मां रसोइया के पद पर कार्यरत है। विमलेश लगभग रोज इसी समय स्कूल जाता था। गुरुवार को घर से निकलते समय उसकी भतीजी भी साथ चलने की जिद करने लगी जिस कारण उसे भी साथ लेना पड़ा।
उसने मोबाइल से ईयर फोन अटैच कर कान में लगाया और चल पड़ा। वह भतीजी बिट्टो को गोद में उठाकर रेलवे लाइन पार कर रहा था कि इसी दौरान करीब 12 बजे तेज गति से पटना को जा रही मरुधर एक्सप्रेस की चपेट में आ गया।
हादसे को देख आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़े लेकिन तब तक चाचा-भतीजी की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया ट्रेन के ड्राइवर ने दो बार सीटी बजाई लेकिन शायद ईयर फोन लगाने के कारण विमलेश ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका।