फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Unbearable menstrual pain ignored then you can become victim this disease

Menstrual Awareness: मासिक धर्म का असहनीय दर्द किया नजरअंदाज...तो हो सकती हैं इस बीमारी का शिकार, पढ़ें खबर

Mon, 30 Jun 2025 04:09 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 30 Jun 2025 04:09 PM IST
सार

मासिक धर्म के दौरान असहनीय दर्द को अक्सर महिलाएं सामान्य मान लेती हैं। लेकिन, यह स्थिति डिसमेनोरिया कहलाती है। ये गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकती है। आगे पढ़ें और जानें पूरी जानकारी... 

विज्ञापन
Unbearable menstrual pain ignored then you can become victim this disease
पीरियड्स (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : istock

विस्तार

मासिक धर्म के दौरान असहनीय दर्द हो तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। केजीएमयू की स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. सुजाता देव के अनुसार यह स्थिति ‘डिसमेनोरिया’ हो सकती है। जो लाखों महिलाओं को हर माह प्रभावित कर रही है। जागरुकता की कमी और खुद से पेनकिलर लेने की आदत इस समस्या को और बढ़ा देती है।

विज्ञापन

क्या है डिसमेनोरिया

डॉ. सुजाता के अनुसार, डिसमेनोरिया दो प्रकार की होती है।  प्राथमिक डिसमेनारिया मासिक धर्म शुरू होने के 1-2 साल के भीतर 2-3 दिन तक रहता है। द्वितीयक डिसमेनोरिया पेल्विक विकृति के कारण होता है, जो माहवारी शुरू होने से पहले ही शुरू हो जाता है और लंबा चलता है। 

विज्ञापन


ये भी पढ़े- Lucknow News: कारोबारी ने पत्नी और बेटी के साथ की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखी ये बात; पढ़कर कांप गए घरवाले
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. सुजाता बताती हैं कि बहुत सी महिलाएं इसे सामान्य मानकर इलाज नहीं करातीं, जिससे समस्या और जटिल हो जाती है। यह केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालती है। सबसे बड़ी गलती होती है बिना डॉक्टर की सलाह के दर्दनिवारक दवाएं लेना, जो आगे चलकर अन्य बीमारियों को जन्म दे सकती हैं। महिलाएं यदि समय रहते इस दर्द की जांच कराएं, तो कई गंभीर स्त्री रोगों से बचा जा सकता है।


ये हैं लक्षण

पेट के निचले हिस्से में ऐंठन, पीठ, कूल्हे, जांघों में दर्द, मितली, उल्टी, चक्कर, थकान, दस्त या अत्यधिक कमजोरी डिसमेनोरिया के लक्षण हैं।

 संभावित कारण:

  • एंडोमेट्रियोसिस: गर्भाशय के बाहर ऊतक का विकास।
  • एडेनोमायसिस: गर्भाशय की मांसपेशियों में परत का बढ़ना।
  • गर्भाशय विकृति (फाइब्रॉएड) : गर्भाशय में गैर-कैंसरयुक्त गांठ।
  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज और जन्मजात विकृति।

ये भी पढ़े- UP Politics: बिहार के रास्ते यूपी के आकाश पर छाने की तैयारी में आनंद, रणनीति के तहत सौंपी गई कमान

बचाव के उपाय:

नियमित व्यायाम व योग, केला, पालक, दूध जैसे पोषक तत्वों का सेवन, कैफीन, नमक कम करें, पर्याप्त नींद, लक्षण बढ़ने पर डॉक्टर से परामर्श लेने से डिसमेनोरिया से बचा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed