Umesh Pal Murder: फॉर्च्यूनर से अतीक का बेटा तो रोडवेज बस से फरार हुआ था गुड्डू मुस्लिम, यहां हो सकता है असद
Umesh Pal Murder: फॉर्च्यूनर से अतीक का बेटा तो रोडवेज बस से फरार हुआ था गुड्डू मुस्लिम, यहां हो सकता है असद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रयागराज में राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल को गोलियों से भूनने वाले माफिया अतीक अहमद का बेटा असद फॉर्च्यूनर गाड़ी से भागा था। वहीं घटना के दौरान चारों तरफ बम बरसाने वाला शातिर अपराधी गुड्डू मुस्लिम मेरठ जाने वाली रोडवेज की बस पर सवार होकर फरार हुआ था। एसटीएफ दोनों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
एसटीएफ को शक है कि असद ने गुजरात या मुंबई में जाकर पनाह ली है। इसके दृष्टिगत दोनों राज्यों की पुलिस से संपर्क साधा जा रहा है। एसटीएफ की एक टीम को गुजरात भेजा जा चुका है। वहीं गुड्डू मुस्लिम की तलाश में पश्चिमी यूपी के इटावा से लेकर सहारनपुर तक चार टीमें छापेमारी कर रही हैं।
दरअसल, गुड्डू मुस्लिम ने अतीक अहमद के इशारे पर पश्चिमी उप्र के कुछ अपराधियों के लिए हत्याएं की हैं। इटावा में हुई एक हत्या में भी उसका नाम आया था। इसी वजह से एसटीएफ और प्रयागराज कमिश्नरेट की टीमें इटावा, मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर में उसे तलाश रही हैं।
यह भी पढ़ेंः 'घर जाइए लल्लन जी, तूफान आने वाला है': उमेश पाल की हत्या से पहले इंस्टाग्राम पर डाले गए थे अशरफ के वीडियो
यह भी पढ़ेंः Umesh Pal Murder Case: सीसीटीवी से खुलेगा राज, किसने-किसने की अशरफ से मुलाकात, SIT ने शुरू की जांच
अनंत देव ने लखनऊ आकर शुरू की छानबीन
प्रयागराज की घटना के बाद डीआईजी अनंत देव की अस्थायी ड्यूटी एसटीएफ में लगाए जाने के बाद बृहस्पतिवार को उन्होंने लखनऊ आकर काम शुरू कर दिया। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अनंत देव ने एसटीएफ में डिप्टी एसपी से लेकर डीआईजी के पद पर तैनात रहते हुए कई डकैतों, कुख्यात अपराधियों, माफिया को ढेर किया है। बिकरू कांड के बाद उनको निलंबित किया गया था। हाल ही में राज्य सरकार ने उनको बहाल कर दिया था।
बहराइच में भी छानबीन जारी
नेपाल से सटे बहराइच में अतीक अहमद की कुछ बेनामी संपत्तियों की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उधर भी रुख किया है। दरअसल, पुलिस को सूचना मिली है कि अतीक के एक पार्टनर के भाई ने बहराइच में होटल बनाया था जिसमें अक्सर अतीक के गुर्गें आकर रुकते थे। पुलिस के मुताबिक ये अतीक की बेनामी संपत्ति है। घटना में शामिल शूटरों के बहराइच के रास्ते नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए छानबीन की जा रही है।
13 मार्च पर टिकीं नजरें
घटना में शामिल सात शूटरों के साथ ही पुलिस को भी 13 मार्च को कोर्ट खुलने का इंतजार है। कोर्ट खुलने के बाद आत्मसमर्पण की कोशिश करने वाले शूटरों को दबोचने की रणनीति बनाई जा रही है। इसमें अतीक गिरोह की मदद करने वाले कुछ अधिवक्ता भी पुलिस के राडार पर हैं।