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Raj Babbar: कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को दो साल की सजा, MP-MLA कोर्ट ने सुनाया फैसला
Fri, 08 Jul 2022 08:36 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 08 Jul 2022 08:36 AM IST
सार
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को दो साल की सजा सुनाई गई है। उनके खिलाफ मतदान केंद्र में घुसकर मतदान प्रभावित करने और पोलिंग एजेंट से दुर्व्यवहार मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
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पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राज बब्बर को 26 साल पुराने मामले में दो साल की सजा सुनाई गई है। एमपी एमएलए कोर्ट ने उन्हें विधानसभा चुनाव में मतदान अधिकारी व अन्य से मारपीट समेत अन्य मामलों में दोषी ठहराते हुए 6500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। तब वे सपा के प्रत्याशी थी। इस मामले में आरोपी रहे अरविंद सिंह यादव की केस के दौरान ही मृत्यु हो गई थी।
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विशेष एसीजेएम अंबरीष कुमार श्रीवास्तव ने अलग-अलग धाराओं में राज बब्बर को 6 माह की सजा व 1000 रुपये का जुर्माना, दो साल की सजा व 4 हजार का जुर्माना, एक वर्ष की कैद व एक हजार का जुर्माना, छह माह की कैद व 500 रुपये का जुर्माना लगाया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने पर उन्हें 15 दिन और जेल में काटने होंगे। संवाद
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फर्जी मतदान का आरोप लगाकर की थी मारपीट
पूर्व सांसद राज बब्बर को वर्ष 1996 में विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान अधिकारी व अन्य से मारपीट समेत कई मामलों में दो साल की सजा सुनाई गई है। सरकारी वकील सोनू सिंह के अनुसार 2 मई 1996 को मतदान अधिकारी श्रीकृष्ण सिंह राणा ने वजीरगंज थाने में तत्कालीन सपा प्रत्याशी राज बब्बर, अरविंद यादव व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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आरोप लगाया कि जब मतदाताओं का आना बंद हो गया तो वे खाना खाने जा रहे थे। तभी सपा प्रत्याशी राज बब्बर साथियों के साथ आए और फर्जी मतदान का झूठा आरोप लगाने लगे। उन लोगों ने वादी एवं शिव कुमार सिंह को मारा पीटा, जिससे उन्हें चोट आई। उन्हें मतदान अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव के अलावा वीके शुक्ला एवं पुलिसवालों ने बचाया। पुलिस ने 23 सितंबर 1996 को राज बब्बर व अरविंद यादव के खिलाफ चार्जशीट पेश की।
कोर्ट ने 24 वर्ष बाद 7 मार्च 2020 को राज बब्बर के खिलाफ आरोप तय किए। श्रीकृष्ण सिंह राणा, शिव कुमार सिंह, मनोज श्रीवास्तव, चंद्र दास साहू, डॉ. एमएस कालरा ने गवाही दी। राज बब्बर ने 10 मई 2022 को कोर्ट में खुद को निर्दोष बताया, लेेकिन कोई साक्ष्य देने से इनकार कर दिया। संवाद