{"_id":"ec48524312075ce9a41d0f143ec98e2f","slug":"two-sisters-died-cycle-accident-in-sultanpur-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क हादसा: दो साइकिलें होती तो शायद बच जाती एक बेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क हादसा: दो साइकिलें होती तो शायद बच जाती एक बेटी
ब्यूरो/अमर उजाला, सुल्तानपुर (चांदा)
Updated Tue, 19 Jan 2016 08:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर के चांदा क्षेत्र में सुबह कॉलेज जा रही दो सगी बहनों को ट्रक ने रौंद दिया। दोनों बहनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक दोनों बहनें मंगलवार सुबह घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थीं। लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तमरसेपुर मोड़ के पास तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया। दुर्घटना में दोनों बहनों की मौके पर ही मौत हो गई।
चांदा कोतवाली क्षेत्र के भुआ पठखौली गांव के रहने वाले गनपति पाल के बेटी वंदना (20) चंद्रभान देवीसेवक महाविद्यालय प्रतापपुर कमैचा में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी। वहीं छोटी बेटी साधना पाल (16) ज्ञानोदय इंटर कालेज बैंती में कक्षा 11 की छात्रा थी।
विज्ञापन
भुआ पठखौली गांव निवासी गनपति पाल अहमदाबाद में मजदूरी करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। दोनों बहनों के पास अलग-अलग साइकिल नहीं थी तो दोनों एक ही साइकिल से पढ़ने जाती थीं। बड़ी बहन वंदना पाल अपनी छोटी बहन को पहले स्कूल छोड़ती थी। उसके बाद खुद कॉलेज जाती थी।
विज्ञापन
मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे दोनों बहनों को ट्रक ने रौंद दिया। दुर्घटना के बाद चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। दो बेटियों के मरने के बाद मजदूर पिता गनपति बेहद मलाल है कि काश दो साइकिलें होतीं तो एक बेटी तो बच जाती।