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जीजीआईसी नरही की दो कक्षाओं की छत ढही, गनीमत रही कि अवकाश का दिन था
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नरही में रविवार को कॉलेज की दो कक्षाओं की छत भरभरा कर ढह गई। सोमवार सुबह जब कॉलेज प्रशासन पहुंचा तब घटना की जानकारी हुई।
प्रधानाचार्य ने इसकी सूचना आलाधिकारियों को दी। निदेशालय ने इस संबंध में आख्या मांगी है। फिलहाल कक्षाएं स्थगित नहीं की गई है।
छठवीं और सातवीं की छात्राओं की कक्षाओं की छत ढही है। बाकी कक्षाओं में पढ़ाई होगी। कॉलेज में कुल सात कमरे हैं।
प्रधानाचार्य रूपम सिंह ने बताया कि कॉलेज का भवन काफी पुराना है और भवन की हालत अच्छी नहीं है। उन्होंने करीब डेढ़ महीने पहले चार्ज संभाला है।
सोमवार को जब कॉलेज के कमरे खोले गए तब घटना की जानकारी हुई। दो कक्षाओं की छत जर्जर होने से गिर चुकी थी। घटना रविवार को दिन में हुई या फिर रात में, इसकी जानकारी नहीं है।
बताया कि पिछले हफ्ते हुई तेज बारिश से कमरों में सीलन आ गई थी और छतें भी टपकने लगी थीं। कॉलेज में कक्षा छह से 12 में 140 छात्र पंजीकृत हैं।
वहीं, प्रभारी डीआईओएस रीता सिंह ने दो लोगों को स्थिति का जायजा लेने के लिए कॉलेज भेजा। प्रधानाचार्य ने बताया कि 2018 में जर्जर भवन का उल्लेख कर जानकारी दी गई थी। उन्होंने भी विभाग को पत्र लिखा।
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प्रधानाचार्य ने इसकी सूचना आलाधिकारियों को दी। निदेशालय ने इस संबंध में आख्या मांगी है। फिलहाल कक्षाएं स्थगित नहीं की गई है।
छठवीं और सातवीं की छात्राओं की कक्षाओं की छत ढही है। बाकी कक्षाओं में पढ़ाई होगी। कॉलेज में कुल सात कमरे हैं।
प्रधानाचार्य रूपम सिंह ने बताया कि कॉलेज का भवन काफी पुराना है और भवन की हालत अच्छी नहीं है। उन्होंने करीब डेढ़ महीने पहले चार्ज संभाला है।
सोमवार को जब कॉलेज के कमरे खोले गए तब घटना की जानकारी हुई। दो कक्षाओं की छत जर्जर होने से गिर चुकी थी। घटना रविवार को दिन में हुई या फिर रात में, इसकी जानकारी नहीं है।
बताया कि पिछले हफ्ते हुई तेज बारिश से कमरों में सीलन आ गई थी और छतें भी टपकने लगी थीं। कॉलेज में कक्षा छह से 12 में 140 छात्र पंजीकृत हैं।
वहीं, प्रभारी डीआईओएस रीता सिंह ने दो लोगों को स्थिति का जायजा लेने के लिए कॉलेज भेजा। प्रधानाचार्य ने बताया कि 2018 में जर्जर भवन का उल्लेख कर जानकारी दी गई थी। उन्होंने भी विभाग को पत्र लिखा।
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