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एक्सक्लूसिव: भ्रष्टाचार के आरोप में पीसीडीएफ के दो प्रबंधक निलंबित, ताकतवर अफसरों में होती थी गिनती

Wed, 12 Feb 2020 10:40 AM IST
शाहरुख खान नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ
नरेश शर्मा, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 12 Feb 2020 10:40 AM IST
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Two PCDF managers suspended On charges of corruption
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (पीसीडीएफ) की अनुशासन समिति के अध्यक्ष बाबूलाल मीना ने लखनऊ स्थित मुख्यालय में तैनात प्रबंधकों एएन बली व राजेश कुमार वर्मा को भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोप में 27 जनवरी को निलंबित कर दिया। 
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एएन बली को मिर्जापुर और राजेश वर्मा को मुजफ्फरनगर में संबद्ध किया गया था। इन दोनों की गिनती ताकतवर अफसरों में होती थी। ये दोनों प्रबंधक 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने वाले थे। चार दिन पहले कार्रवाई होने से इनके देयकों का भुगतान फंस गया है। यही नहीं, फेडरेशन के 10-12 और ऐसे अफसर अध्यक्ष के निशाने पर हैं, जिनके भ्र्रष्टाचार के चलतेदुग्ध संघ यूनिट बंद हैं या फिर घाटे में हैं।  
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किस पर क्या आरोप
एएन बली : पीसीडीएफ मुख्यालय में लंबे अरसे तक तैनात रहे। इन पर प्रकाशन इकाई के कार्य की जिम्मेदारी थी। प्रकाशन संबंधी कार्य समय से न कराने, समय से बिल का भुगतान न करने, पार्टियों के बिल भुगतान को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष पेश न करने के आरोपों में दोषी पाए जाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई हुई।
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राजेश कुमार वर्मा : दुग्ध संघ लखीमपुर (वर्ष 2004), दुग्ध संघ हरदोई (वर्ष 2008), दुग्ध संघ कानपुर (वर्ष 2010) व दुग्ध संघ उन्नाव (वर्ष 2011) के प्रकरण में जांच अधिकारी को सहयोग नहीं किया। कारण बताओ नोटिस के जवाब नहीं दिए। जांच के लिए व्यक्तिगत सुनवाई की तय तारीख पर उपस्थित नहीं हुए। 

दो महाप्रबंधक पहले हो चुके निलंबित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जबसे पीसीडीएफ की निगरानी शुरू की है, तबसे भ्रष्टों व लापरवाहों की नींद उड़ गई है। पिछली सरकारों में जो भ्रष्टाचारी फल-फूल रहे थे, उनकी सफाई शुरू हो चुकी है। अनुशासन समिति के अध्यक्ष बाबूलाल मीना ने 14 नवंबर 2019 से डेयरी फेडरेशन से भ्रष्टों की सफाई की शुरुआत की।

सबसे पहले छह दुग्ध संघों के महाप्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब तलब किया था। इनमें हंसवीर वर्मा लखनऊ दुग्ध संघ, डीके सिंह प्रयागराज, दलजीत सिंह मुरादाबाद, इंद्र भूषण गोंडा, विकास बालियान मेरठ और गंगा प्रसाद बरेली दुग्ध संघ शामिल थे। लखनऊ के महाप्रबंधक हंसवीर सिंह वर्मा सहित दो निलंबित हो चुके हैं। हंसवीर बांदा में संबद्ध किए गए हैं।
 
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