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लखनऊ यूनिवर्सिटीः शोध के लिए स्थापित होंगे दो नए सेंटर

Thu, 30 Jul 2020 05:01 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 30 Jul 2020 05:01 PM IST
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two new centers will be established for research in lucknow university
लखनऊ यूनिवर्सिटी - फोटो : amar ujala
लखनऊ विश्वविद्यालय में परास्नातक पाठ्यक्रम में बदलाव के बाद अगला कदम शोध को गति देना है। इसी कड़ी में विवि में दो नए सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस मॉलेक्यूलर जेनेटिक्स और इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस के नाम से स्थापित होने वाले इन संस्थान की बागडोर डीन के हाथ में होगी। साथ ही यहां एक-एक को-ऑर्डिनेटर की नियुक्ति भी की जाएगी। 
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विवि कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय के अनुसार अभी तक यह विवि में परंपरागत पाठ्यक्रमों पर जोर दिया जाता रहा है। अब हमें प्रयास करके आधुनिक शिक्षा की ओर बढ़ना होगा। इसकी शुरुआत हम सेंटर कल्चर की स्थापना करके करेंगे। लविवि में इस समय जूलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स, स्टैट, बायोस्टैट और बायोटेक्नोलॉजी जैसे विषय पढ़ाये जाते हैं।
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इन विषयों को एक साथ जोड़कर सेंटर की स्थापना की जाएगी। सेंटर स्थापना का मकसद नए पाठ्यक्रमों के संचालन के साथ ही उन्नत शोध है। इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस मॉलेक्यूलर जेनेटिक्स और इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस के माध्यम से शोध के कीर्तिमान रचने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को कॅरियर की अच्छी संभावना वाले विषयों को पढ़ने का मौका भी मिलेगा। 
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रिन्यूबल एनर्जी के रूप में फिलहाल एकमात्र सेंटर 

लविवि में इस समय रिन्यूबल एनर्जी के रूप में एकमात्र सेंटर है। इस सेंटर में बीवोक रिन्यूबल एनर्जी पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है। फिलहाल यह सेंटर लविवि के न्यू कैंपस में स्थित है, लेकिन समन्वय की दृष्टि से इसे पुराने परिसर में लाने का विचार किया जा रहा है। दो अन्य संस्थानों की स्थापना के बाद इनकी संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी। 

शोध के मामले में विज्ञान संकाय की स्थिति बेहतर
लविवि में अन्य संकायों के मुकाबले विज्ञान संकाय की स्थिति काफी बेहतर है। संकाय के शोध पत्र विश्व स्तर पर माने जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में भी हर साल यहां से काफी शोधपत्र प्रकाशित होते हैं। इनका इंपैक्ट फैक्टर भी काफी अच्छा है। इसको देखते हुए लविवि कुलपति ने सबसे पहले विज्ञान संकाय में ही सेंटर स्थापित करने की शुरुआत की है। 

लविवि में शोध को बढ़ावा देने के लिए सेंटर कल्चर शुरू करने की पहल की जा रही है। लविवि में  एक सेंटर है। अब इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस मॉलेक्यूलर जेनेटिक्स और इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस की स्थापना करने की योजना तैयार की गई है। इनके लिए आर्थिक संसाधन जुटाने का प्रयास हो रहा है। - प्रो. आलोक कुमार राय, कुलपति, लविवि
 
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