गायत्री प्रसाद प्रजापति की दो और शिकायतें मिलीं
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भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ दो और शिकायतें लोकायुक्त के पास पहुंची हैं। इनमें एक शिकायत फीरोजाबाद की सपा नेता मीना राजपूत ने भेजी है। वह पूर्व ब्लाक प्रमुख व सपा की पूर्व प्रदेश सचिव हैं। दूसरी शिकायत सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज से भारतीय सामाजिक न्याय मोर्चा के अध्यक्ष चौ. यशवंत सिंह ने भेजी है।
राजपूत ने फीरोजाबाद में कई वर्षों से अवैध खनन जारी रहने का आरोप लगाते हुए कहा है कि मौजूदा डीएम के आने के बाद इस पर अंकुश लगा है। वहीं, यशवंत सिंह ने राबर्ट्सगंज से निकलने वाले खनन वाहनों से वीआईपी शुल्क की वसूली का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक खनन वाहनों से हर महीने 12 करोड़ की वसूली हो रही है।
गायत्री प्रजापति के मूल शिकायतकर्ता ओम शंकर द्विवेदी के पीछे हट जाने के बाद अब नए लोग खनन महकमे में चल रहे गोरखधंधे की शिकायत लोकायुक्त से कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर के बाद अब दो और ने लोकायुक्त को शिकायत भेजी है।
बसपा काल से चल रहा है अवैध खनन
मीना राजपूत ने अपनी शिकायत में कहा है कि बसपा शासनकाल से लेकर इस सरकार में पिछले कुछ महीनों तक फीरोजाबाद में अनवरत अवैध खनन चल रहा था। मौजूदा डीएम के आने के बाद इस पर रोक लगी है। बकौल मीना फीरोजाबाद में चल रहे अवैध खनन की शिकायत उन्होंने मंत्री गायत्री प्रजापति से लेकर प्रमुख सचिव व निदेशक तक से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस पर उन्होंने लोकायुक्त का ध्यान दिलाते हुए अवैध खनन रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई का अनुरोध किया है। उधर, राबर्ट्सगंज के चौ. यशवंत सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि सोनभद्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। खनन वाहनों से वीआईपी शुल्क के नाम पर धड़ल्ले से वसूली हो रही है।
यहां से पूर्वी उप्र के लगभग 20 जिलों को बालू की सप्लाई होती है और प्रत्येक ट्रक से वीआईपी शुल्क लिया जाता है। हर महीने लगभग 12 करोड़ रुपये की वसूली हो रही है। उन्होंने भी इसकी छानबीन कराकर कार्रवाई की मांग की है। सिंह ने लोकायुक्त को इसके साक्ष्य भी देने की बात कही है।
जवाब देते नहीं बन रहा
अवैध खनन समेत तमाम अन्य मामलों को लेकर सुर्खियों में आए मंत्री गायत्री प्रजापति आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने पर लोकायुक्त को जवाब देने से तो कन्नी काट रहे हैं लेकिन शिकायतकर्ताओं को कानूनी नोटिस भेजकर दबाव बनाने में पीछे नहीं हैं। उन्होंने नूतन ठाकुर को कानूनी नोटिस भेजकर बसपा के एक वरिष्ठ नेता तथा सरकार के एक मंत्री को जमीन बेचने के आरोपों पर सफाई मांगी है।
संपत्तियों के बारे में लोकायुक्त ने गायत्री के परिवारीजनों को नोटिस जारी करके सफाई मांगी थी लेकिन उनके लखनऊ और अमेठी के पते पर नोटिस रिसीव नहीं की गई। एक तरफ तो गायत्री से लोकायुक्त की नोटिसों का जवाब देते नहीं बन रहा दूसरी तरफ वह शिकायतकर्ताओं को कानूनी नोटिस भेजकर उन पर दबाव बना रहे हैं।