{"_id":"6776ea04b2f2705ab40ed433","slug":"two-madrasas-were-being-run-in-the-same-plot-number-shravasti-news-c-104-1-srv1002-108637-2025-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: एक ही गाटा संख्या में संचालित हो रहे थे दो मदरसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: एक ही गाटा संख्या में संचालित हो रहे थे दो मदरसे
Fri, 03 Jan 2025 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 03 Jan 2025 01:03 AM IST
विज्ञापन
तुलसीपुर (श्रावस्ती)। जमुनहा तहसील क्षेत्र के लक्ष्मनपुर गंगापुर के गाटा संख्या 96 में 50 खाता धारक हैं। इनमें से दो खाते अलग-अलग मदरसों के नाम दर्ज हैं। नकली नोट छापने के आरोप में मुबारक अली उर्फ नूरी बाबा का मदरसा दारुल उलूम फैजुल नबी यहां चल रहा है वहीं दूसरा मदरसा मौके पर नहीं मिला। दूसरा मदरसा कहां चल रहा है कहां नहीं। इसकी जानकारी फिलहाल किसी के पास नहीं है।
मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मनपुर गंगापुर के गाटा संख्या 96 का कुल रकबा 5.342 हेक्टेअर है। इसमें दो मदरसा सहित कुल 50 खाता धारक हैं। इसी रकबा में मुबारक अली शाह नूरी का मदरसा दारुल उलूम फैजुल नबी भी है। इनके संरक्षक का नाम असगर अली दर्ज है जो कि नकली नोट छापने वाले मदरसा संचालक के पिता हैं। इसका रकबा 0.240 हेक्टेअर (करीब पौने तीन बीघा) है। ग्रामीणों के अनुसार असगर अली की मौत करीब 30 वर्ष पूर्व हो चुकी है। इसका संचालन कई वर्ष से हो रहा है।
वहीं इसी गाटा संख्या 96 में एक अन्य मदरसा रिजविया अहले सुन्नत वल जमाअत अंजुमन बरकते रजा भी दर्ज है। इसके संरक्षक व प्रबंधक का नाम गांव निवासी नूरजहां पत्नी जमील खां सरकारी अभिलेखों में दर्ज है लेकिन यह मदरसा न तो गाटा संख्या 96 में संचालित है और न ही गांव के लोगों को इस मदरसे के बारे में कोई जानकारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मनपुर गंगापुर के गाटा संख्या 96 का कुल रकबा 5.342 हेक्टेअर है। इसमें दो मदरसा सहित कुल 50 खाता धारक हैं। इसी रकबा में मुबारक अली शाह नूरी का मदरसा दारुल उलूम फैजुल नबी भी है। इनके संरक्षक का नाम असगर अली दर्ज है जो कि नकली नोट छापने वाले मदरसा संचालक के पिता हैं। इसका रकबा 0.240 हेक्टेअर (करीब पौने तीन बीघा) है। ग्रामीणों के अनुसार असगर अली की मौत करीब 30 वर्ष पूर्व हो चुकी है। इसका संचालन कई वर्ष से हो रहा है।
विज्ञापन
वहीं इसी गाटा संख्या 96 में एक अन्य मदरसा रिजविया अहले सुन्नत वल जमाअत अंजुमन बरकते रजा भी दर्ज है। इसके संरक्षक व प्रबंधक का नाम गांव निवासी नूरजहां पत्नी जमील खां सरकारी अभिलेखों में दर्ज है लेकिन यह मदरसा न तो गाटा संख्या 96 में संचालित है और न ही गांव के लोगों को इस मदरसे के बारे में कोई जानकारी है।
विज्ञापन